Tamil Nadu State Marketing Corporation (TASMAC) ने राज्यव्यापी हड़ताल के बाद कड़ा रुख अपनाते हुए 245 सुपरवाइजरों को सस्पेंड कर दिया है और 1,700 से अधिक कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। यह विवाद नई ₹10 की बॉटल बायबैक नीति के विरोध में शुरू हुआ है।
तमिलनाडु में शराब की बिक्री पर सरकारी एकाधिकार रखने वाली संस्था, TASMAC ने दो दिन की हड़ताल के बाद अपने कर्मचारियों पर बड़ी कार्रवाई की है। चेन्नई, कोयंबटूर, मदुरै, सलेम और तिरुचिरापल्ली जैसे प्रमुख शहरों में शराब की दुकानें बिना अनुमति बंद रखने के कारण यह कदम उठाया गया है।\n\n### विरोध की असली वजह क्या है?\n\nविवाद की जड़ सरकार द्वारा लागू किया गया ₹10 का नया 'एनवायर्नमेंटल एंड सोशल वेलफेयर सेस' है। इस नई नीति के तहत ग्राहकों से खाली बोतल के लिए ₹10 अतिरिक्त लिए जाते हैं और कर्मचारियों को खाली बोतलें वापस लेने और डिजिटल पेमेंट मैनेज करने की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है। कर्मचारियों का कहना है कि दुकानों में खाली बोतलें रखने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है और बिना बुनियादी ढांचे के यह काम उनके लिए भारी बोझ बन गया है।\n\n### सरकार के लिए क्यों है चिंता?\n\nTASMAC तमिलनाडु सरकार के लिए कमाई का एक बड़ा जरिया है। ऐसे में बिक्री में किसी भी तरह की रुकावट सीधे राज्य के खजाने पर असर डालती है। मैनेजमेंट का तर्क है कि यह स्कीम पारदर्शिता बढ़ाने और MRP से ज्यादा कीमत वसूलने पर लगाम लगाने के लिए लाई गई है।\n\nफिलहाल, कड़े रुख के बाद ज्यादातर शराब की दुकानें दोबारा खुल गई हैं, लेकिन कर्मचारियों और सरकार के बीच का यह तनाव अभी खत्म नहीं हुआ है। अगर बुनियादी ढांचे की समस्याओं को हल नहीं किया गया, तो भविष्य में और बड़े विरोध प्रदर्शनों का खतरा बना हुआ है।
