सूरत में बड़ी धोखाधड़ी! स्टॉक मार्केट में ₹3 करोड़ गंवाने के बाद लॉकर से चुराया ₹2.67 करोड़ का सोना

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
सूरत में बड़ी धोखाधड़ी! स्टॉक मार्केट में ₹3 करोड़ गंवाने के बाद लॉकर से चुराया ₹2.67 करोड़ का सोना

सूरत की Nakshatra Safe House के तीन ऑपरेटरों को ग्राहकों के लॉकर से करीब ₹2.67 करोड़ का सोना चुराने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का कहना है कि यह चोरी स्टॉक मार्केट में हुए ₹3 करोड़ के भारी नुकसान की भरपाई के लिए की गई थी।

Detailed Coverage

लॉकर से सोना चोरी का खुलासा

सूरत पुलिस ने Nakshatra Safe House से जुड़े तीन परिवार के सदस्यों को ग्राहकों के लॉकर से भारी मात्रा में सोने की चोरी करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में महेश देवड़ा और उनके बेटे हर्ष और हरीकृष्ण शामिल हैं। इन पर करीब 207 तोला सोने के गहने चुराने का आरोप है, जिनकी कीमत लगभग ₹2.67 करोड़ बताई जा रही है। पुलिस एक चौथे आरोपी, मणि लाल, की भी तलाश कर रही है, जिस पर इस चोरी में मदद करने का संदेह है।

कैसे रची गई थी चोरी की योजना?

पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, यह चोरी पिछले लगभग एक साल से चल रही थी। आरोप है कि परिवार ने स्थानीय चाबी बनाने वाले की मदद से ग्राहकों के लॉकर की डुप्लीकेट चाबियां बनवाईं। इसके बाद, बिना किसी मानक सुरक्षा प्रक्रिया का पालन किए, उन्होंने लॉकर में रखे कीमती सामान तक पहुंच बनाई। मामला तब खुला जब एक ग्राहक ने अपने लॉकर में सोने की कमी पाई और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

स्टॉक मार्केट के नुकसान की भरपाई का मकसद

सूरत के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस राघव जैन ने बताया कि इस अपराध का मुख्य मकसद शेयर बाजार में हुए भारी नुकसान की भरपाई करना था। जांच में पता चला है कि हर्ष देवड़ा को शेयर बाजार में ट्रेडिंग के दौरान लगभग ₹3 करोड़ का घाटा हुआ था। इसी घाटे को पूरा करने के लिए, उन्होंने अपने ही ग्राहकों के कीमती सामान को निशाना बनाया। पुलिस ने अब तक ₹15 लाख नकद बरामद किए हैं और चोरी हुए सोने की भी तलाश कर रही है, जिसके बारे में माना जा रहा है कि उसे स्थानीय ज्वैलर को बेच दिया गया है।

निजी तिजोरियों में भंडारण के जोखिम

यह घटना निजी तिजोरी (vault) सुविधाओं में कीमती सामान रखने से जुड़े जोखिमों को उजागर करती है। बैंकों के विपरीत, जो सख्त नियामक निगरानी, सुरक्षा ऑडिट और बीमा कवर के तहत काम करते हैं, निजी सेफ हाउस अक्सर कम पारदर्शिता और कमजोर प्रशासन के साथ काम करते हैं। यह घटना व्यक्तियों के लिए एक महत्वपूर्ण सबक है कि वे किसी भी ऐसी संस्था को अपनी कीमती संपत्ति सौंपने से पहले उसकी सुरक्षा व्यवस्था, प्रबंधन की पृष्ठभूमि और कानूनी स्थिति की अच्छी तरह जांच लें।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.