सूरत के श्याम संगिनी टेक्सटाइल मार्केट में आगजनी के मामले में एक पूर्व अकाउंटेंट को गिरफ्तार किया गया है। महज **₹10,000** के सैलरी विवाद के कारण हुई इस घटना में **14** दुकानें जलकर खाक हो गईं और कुल **₹24 करोड़** का भारी नुकसान हुआ है।
सूरत क्राइम ब्रांच ने 33 वर्षीय विनोद पंडित सांवले को श्याम संगिनी टेक्सटाइल मार्केट में आग लगाने के आरोप में गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि आरोपी ने महज ₹10,000 के बकाया वेतन को लेकर बदला लेने के इरादे से इस वारदात को अंजाम दिया। 9 सितंबर की तड़के शुरू हुई इस भीषण आग ने देखते ही देखते 14 दुकानों और भारी मात्रा में रखे टेक्सटाइल स्टॉक को पूरी तरह तबाह कर दिया।\n\n### आग की लपटों का असर\nअधिकारियों के अनुसार, आग इतनी भीषण थी कि इसे बुझाने में फायर ब्रिगेड को 38 घंटे का लंबा समय लगा। फॉरेंसिक रिपोर्ट ने पुष्टि की है कि यह कोई शॉर्ट सर्किट नहीं, बल्कि सुनियोजित तोड़फोड़ थी। आरोपी ने ज्वलनशील पदार्थ (accelerant) का इस्तेमाल किया था। घटना के बाद आरोपी राजस्थान और उत्तर प्रदेश के रास्ते भागने की कोशिश में था, लेकिन आखिरकार पुलिस ने उसे डिंडोली के पास दबोच लिया।\n\n### व्यापारिक सुरक्षा और सबक\nयह घटना घनी आबादी वाले कमर्शियल हब के लिए एक बड़ी चेतावनी है। जहां बड़ी संख्या में इन्वेंट्री जमा होती है, वहां सुरक्षा प्रोटोकॉल की कमी का खामियाजा कारोबारियों को ₹24 करोड़ के नुकसान के रूप में भुगतना पड़ा। अब स्थानीय मार्केट एसोसिएशन और दुकानदारों के बीच बेहतर सर्विलांस, सख्त स्टाफ वेरिफिकेशन और फायर प्रिवेंशन ऑडिट को लेकर नई बहस छिड़ गई है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से इंफ्रास्ट्रक्चर को बचाया जा सके।
