Cauvery Dispute: सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु-कर्नाटक जल विवाद पर फैसला सुरक्षित रखा

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Cauvery Dispute: सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु-कर्नाटक जल विवाद पर फैसला सुरक्षित रखा

कावेरी जल बंटवारे को लेकर तमिलनाडु की **11 TMC** पानी छोड़े जाने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। तमिलनाडु ने जहां फसलों के संकट का हवाला दिया है, वहीं कर्नाटक का कहना है कि उनके पास पीने के पानी की किल्लत है।

अदालत में क्या हुआ?

सुप्रीम कोर्ट की बेंच, जिसमें जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह शामिल हैं, ने कावेरी जल बंटवारे के दशकों पुराने विवाद पर दोनों राज्यों की दलीलें सुनीं। सोमवार को अदालत ने तमिलनाडु सरकार की उस तत्काल याचिका पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया, जिसमें 11 TMC (थाउजेंड मिलियन क्यूबिक फीट) पानी छोड़े जाने की मांग की गई थी।

तमिलनाडु का पक्ष

तमिलनाडु सरकार का तर्क है कि कावेरी डेल्टा में खड़ी फसलें पानी की कमी के कारण सूख रही हैं। राज्य का कहना है कि कम बारिश वाले साल का पूरा बोझ सिर्फ निचले राज्य (तमिलनाडु) पर नहीं डाला जा सकता, जबकि ऊपरी राज्यों (कर्नाटक) के जलाशयों में अभी भी पर्याप्त जल भंडारण है। उन्होंने अदालत से हस्तक्षेप की मांग की है ताकि कृषि क्षेत्र को बचाया जा सके।

कर्नाटक की दलील

दूसरी ओर, कर्नाटक ने अदालत को बताया कि उनके स्थानीय जलाशयों में पानी का स्तर बहुत कम है और कई जिले सूखे की चपेट में हैं। कर्नाटक सरकार का कहना है कि उनकी पहली प्राथमिकता अपने निवासियों के लिए पीने का पानी बचाना है। कावेरी वाटर मैनेजमेंट अथॉरिटी (CWMA) द्वारा पानी छोड़ने के नियमों में हालिया कटौती को उन्होंने जमीनी हकीकत के अनुरूप बताया है।

बड़ी चुनौती क्या है?

कावेरी वाटर मैनेजमेंट अथॉरिटी के गठन के 8 साल बाद भी पानी के बंटवारे का कोई स्थायी और 'डिस्ट्रैस-शेयरिंग' फार्मूला तैयार नहीं हो पाया है। इस कमी के कारण हर साल मानसून के अनियमित होने पर कानूनी विवाद खड़ा हो जाता है।

आर्थिक दृष्टिकोण से देखें तो, कावेरी बेसिन तमिलनाडु की कृषि और कर्नाटक के औद्योगिक केंद्रों की जीवन रेखा है। पानी की यह अनिश्चितता क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था और कृषि पैदावार पर सीधा असर डालती है। अब सबकी निगाहें सुप्रीम कोर्ट के आने वाले उस आदेश पर हैं, जो इस पानी की कमी को सुलझाने का रास्ता तय करेगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.