शेयरधारकों ने दी हरी झंडी
Super Spinning Mills Limited के शेयरधारकों ने कंपनी की संपत्तियों के मोनेटाइजेशन (Monetization) के प्रस्ताव को जोरदार समर्थन दिया है। कंपनी ने 9 मार्च, 2026 को दी गई जानकारी में बताया कि 7 मार्च, 2026 को समाप्त हुए पोस्टल बैलट में शेयरधारकों ने कंपनी को अपनी जमीन और इमारतों को बेचने या संयुक्त विकास (Joint Development) के लिए मंजूरी दे दी है। यह अप्रूवल कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 180(1)(a) के तहत मिला है, जिससे कंपनी अपनी रियल एस्टेट संपत्तियों को लेकर रणनीतिक फैसले ले सकेगी।
वोटिंग में किसने क्या किया?
इस प्रस्ताव के पक्ष में 49 सदस्यों ने अपने 2,32,87,228 शेयर दांव पर लगाए, जो कि डाले गए वैध वोट का 100.00% था। 3 फरवरी, 2026 तक कुल 16,100 शेयरधारकों के पास वोट करने का अधिकार था।
क्यों यह फैसला अहम है?
यह मंजूरी Super Spinning Mills के लिए इसलिए खास है क्योंकि कंपनी इन दिनों वित्तीय चुनौतियों से गुजर रही है। अपनी अचल संपत्तियों (Immovable Assets) से वैल्यू निकालने से कंपनी को नकदी (Cash) जुटाने, लिक्विडिटी (Liquidity) बेहतर करने और कर्ज (Debt) कम करने में मदद मिल सकती है। कंपनी ने अगस्त 2023 में घाटे के चलते अपने मुख्य स्पिनिंग ऑपरेशन बंद कर दिए थे और अब वह प्रॉपर्टी लीजिंग (Property Leasing) से होने वाली आय पर ज्यादा निर्भर है।
पहली बार नहीं, पर इस बार खास
यह पहली बार नहीं है जब कंपनी अपनी प्रॉपर्टीज को भुनाने की कोशिश कर रही है। अक्टूबर 2023 में Super Sara Textiles Limited के साथ कुछ प्रॉपर्टी की बिक्री का एग्रीमेंट हुआ था और एडवांस भी मिला था। इससे पहले, कंपनी के बोर्ड ने कोयंबटूर (Coimbatore) की 'Elgi Towers' प्रॉपर्टी को बेचने या लीज पर देने की भी योजना बनाई थी, जिसके लिए शेयरधारकों की मंजूरी की दरकार थी।
आगे क्या हैं जोखिम?
हालांकि, इस फैसले के साथ कुछ जोखिम भी जुड़े हैं। कंपनी की वित्तीय सेहत (Financial Health) चिंता का विषय बनी हुई है। पिछले पांच सालों (FY21–FY25) में नेट सेल्स में -35.10% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) रही है। साथ ही, पिछले तीन सालों (FY23–FY25) में रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) नेगेटिव रहा है। EBIT to Interest Ratio औसतन 0.67 रहा है, जो दर्शाता है कि कमाई ब्याज चुकाने में भी काफी नहीं है। प्रॉपर्टी की बिक्री या डेवलपमेंट में देरी, प्रमुख किरायेदारों (Tenants) का कंपनी छोड़कर जाना, और विवादित बिजली शुल्क (Disputed Electricity Charges) से जुड़े मामले भी जोखिम पैदा कर सकते हैं।
निवेशकों को क्या देखना है?
अब निवेशकों की नजर उन विशिष्ट प्रॉपर्टी डील (Property Deal) और उनके वैल्यूएशन (Valuation) पर रहेगी। यह भी देखना होगा कि कंपनी इससे मिले पैसों का इस्तेमाल कर्ज चुकाने, वर्किंग कैपिटल (Working Capital) को मजबूत करने या अन्य रणनीतिक कामों में कैसे करती है। कंपनी की भविष्य की प्रॉफिटेबिलिटी (Profitability) और लीजिंग बिजनेस में जोखिम कम करने के उपायों पर भी ध्यान रहेगा।