Sundrop Brands Limited, जिसे पहले Agro Tech Foods Limited के नाम से जाना जाता था, ने FY26 के तीसरे क्वार्टर (Q3) के नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड EBITDA 80% बढ़कर ₹29.5 करोड़ हो गया है। यह बड़ी उछाल Del Monte Foods Private Limited (DMFPL) के रणनीतिक अधिग्रहण के बाद आई है, जिसने कंपनी को एक "स्केल्ड फूड प्लेटफॉर्म" में बदल दिया है।
मुनाफे में कैसे आई बहार?
31 दिसंबर, 2025 को समाप्त तिमाही में, Sundrop Brands ने प्रोफॉर्मा आधार पर 10% की साल-दर-साल (YoY) कंसोलिडेटेड रेवेन्यू वृद्धि दर्ज की, जो ₹407.5 करोड़ रही। तिमाही-दर-तिमाही (Sequentially) रेवेन्यू 6.3% बढ़ा। सबसे बड़ी बढ़ोतरी कंसोलिडेटेड EBITDA में 80% YoY रही, जो पिछले साल की समान अवधि के ₹16.4 करोड़ से बढ़कर ₹29.5 करोड़ हो गया। इससे EBITDA मार्जिन में भी जबरदस्त सुधार हुआ, जो 4.4% (प्रोफॉर्मा) से बढ़कर 7.2% हो गया।
प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) में भी शानदार सुधार दिखा, जो 1700% से अधिक बढ़कर ₹12.2 करोड़ पर पहुंच गया, जबकि पिछले साल की Q3 FY25 में यह सिर्फ ₹0.7 करोड़ था।
फाइनेंशियल ईयर 2026 के अब तक (YTD) के प्रदर्शन में भी यह तेजी जारी है। कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 10% YoY बढ़कर ₹1162.9 करोड़ हुआ और कंसोलिडेटेड EBITDA 41% YoY बढ़कर ₹61.3 करोड़ रहा, जिसमें मार्जिन 120 बेसिस पॉइंट्स का सुधार हुआ।
कोर बिजनेस पर दबाव!
हालांकि, कंसोलिडेटेड नतीजे मजबूत दिख रहे हैं, लेकिन कंपनी के स्टैंडअलोन बिजनेस पर कुछ दबाव साफ दिखाई दे रहा है। स्टैंडअलोन आधार पर, रेवेन्यू 11.9% YoY बढ़कर ₹232.59 करोड़ हुआ, लेकिन स्टैंडअलोन प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) 16.13% YoY घटकर ₹5.98 करोड़ रह गया। यह कंपनी के मूल बिजनेस सेगमेंट में मार्जिन में कमी का संकेत देता है।
कंपनी की बैलेंस शीट मजबूत है, जिसमें ₹1,463 करोड़ का नेट वर्थ, ₹21.5 करोड़ का मैनेजेबल कर्ज और 31 दिसंबर, 2025 तक ₹20.2 करोड़ का फ्री कैश बैलेंस है।
ऑपरेशनल सुधार और नए प्रोडक्ट्स
पैकेजिंग, मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स में एफिशिएंसी प्रोग्राम्स के कारण ग्रॉस मार्जिन 330 बेसिस पॉइंट्स बढ़ा है। ब्रांड प्रेजेंस को मजबूत करने के लिए एडवरटाइजिंग में भी 22% की बढ़ोतरी की गई है।
Del Monte Foods Private Limited (DMFPL) का अधिग्रहण (6 फरवरी, 2025) Sundrop Brands की नई रणनीति का मुख्य आधार है। कंपनी अब खुद को एक "स्केल्ड फूड प्लेटफॉर्म" के तौर पर पेश कर रही है, जो हाई-ग्रोथ और हाई-मार्जिन वाले सेगमेंट पर फोकस कर रहा है। कंपनी का लक्ष्य अपने कोर पोर्टफोलियो को मजबूत करना, तेजी से बढ़ते चैनलों में उपस्थिति बढ़ाना, ऑर्गेनिक और इनऑर्गेनिक ग्रोथ को बढ़ावा देना और कैपिटल एफिशिएंसी को बेहतर बनाना है।
इस विजन को साकार करने के लिए, Sundrop Brands ने इस फाइनेंशियल ईयर में Act II, Sundrop और Del Monte पोर्टफोलियो में 70 से अधिक नए प्रोडक्ट लॉन्च किए हैं, जो कुल बिक्री का लगभग 5% योगदान दे रहे हैं। सेल्स फोर्स ऑटोमेशन को भी लागू किया जा रहा है, जिसमें 58% आउटलेट्स इस टेक प्लेटफॉर्म के तहत आ गए हैं।
रिस्क और आगे का रास्ता
भले ही कंसोलिडेटेड आंकड़े अच्छे दिख रहे हों, निवेशकों की नजरें स्टैंडअलोन बिजनेस के प्रदर्शन पर टिकी रहेंगी। पिछले कुछ सालों में Sundrop Brands (पूर्व में Agro Tech Foods) को बिक्री और प्रॉफिट ग्रोथ में चुनौतियों का सामना करना पड़ा है, जिसमें FY25 में कुछ अवधि में नेगेटिव ग्रोथ और बड़े नेट लॉस भी शामिल हैं। इसके अलावा, कंपनी ने FY25 में ₹136 करोड़ के भारी इम्पेयरमेंट चार्जेस दर्ज किए थे, जो कुछ प्रोडक्ट लाइनों और प्लांट्स के बंद होने का संकेत देते हैं।
DMFPL का सफल इंटीग्रेशन और अपेक्षित सिनर्जी का साकार होना महत्वपूर्ण होगा। स्टैंडअलोन बिजनेस पर मौजूदा मार्जिन दबाव को दूर करना कंपनी की सस्टेनेबल प्रॉफिटेबिलिटी के लिए जरूरी है। कंपनी ने ब्रांडेड पैकेज्ड फूड सेक्टर में ग्रोथ के प्रमुख अवसर और कंज्यूमर मेगा ट्रेंड्स की पहचान की है, और उसकी एग्जीक्यूशन क्षमता ही भविष्य का प्रदर्शन तय करेगी।
भारतीय FMCG सेक्टर काफी प्रतिस्पर्धी है, जिसमें Nestle India, Britannia Industries, ITC और Hindustan Unilever जैसे बड़े खिलाड़ी मौजूद हैं। यह सेक्टर बढ़ती डिस्पोजेबल इनकम और बदलती कंज्यूमर प्रेफरेंसेज के चलते बढ़ रहा है। Sundrop Brands का अधिग्रहण के माध्यम से स्केल बढ़ाना इसे बेहतर ढंग से प्रतिस्पर्धा करने की स्थिति में लाता है, लेकिन इसके प्रदर्शन की तुलना इन इंडस्ट्री लीडर्स के साथ ग्रोथ, प्रॉफिटेबिलिटी और मार्केट शेयर के मामले में करनी होगी।