शेयरधारकों ने दी Denso डायरेक्टर्स को हरी झंडी
Subros Limited के शेयरधारकों ने एक बड़े फैसले में जापानी कंपनी Denso Corporation के दो डायरेक्टर्स, Naohisa Kuriyama और Tsunenobu Hori, को कंपनी के बोर्ड में शामिल करने की मंजूरी दे दी है। पोस्टल बैलेट के जरिए हुए मतदान में दोनों नियुक्तियों को भारी बहुमत मिला है। इस वोटिंग में कुल 55,333 शेयरधारक वोट देने के योग्य थे।
Naohisa Kuriyama को नॉमिनी डायरेक्टर के तौर पर 93.69% शेयरधारकों का समर्थन मिला, जबकि Tsunenobu Hori को अल्टरनेट डायरेक्टर के पद के लिए 89.49% वोटों से हरी झंडी मिली। इस फैसले से कंपनी और उसके प्रमुख शेयरधारक Denso Corporation के बीच रणनीतिक रिश्ते और मजबूत होंगे।
Denso से रणनीतिक तालमेल मजबूत
Denso Corporation जैसे प्रमुख शेयरधारकों से बोर्ड में डायरेक्टर्स का आना, कंपनी की रणनीतिक दिशा और गवर्नेंस में निरंतरता का संकेत देता है। इससे यह सुनिश्चित होता है कि बोर्ड को महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय पार्टनर्स से सीधी जानकारी और विशेषज्ञता का लाभ मिलेगा, जो तकनीकी और वित्तीय रूप से कंपनी के लिए अहम हैं। Subros के लिए, ये नियुक्तियाँ उसके ज्वाइंट वेंचर (Joint Venture) की संरचना और तकनीकी सहयोग को मजबूती देती हैं, जो ऑटोमोटिव थर्मल प्रोडक्ट्स के प्रतिस्पर्धी बाजार में प्रोडक्ट डेवलपमेंट के लिए बेहद जरूरी हैं।
Subros: ज्वाइंट वेंचर की बुनियाद
साल 1985 में स्थापित, Subros भारत में ऑटोमोटिव थर्मल प्रोडक्ट्स बनाने वाली एक अग्रणी कंपनी है। यह एक ज्वाइंट वेंचर (Joint Venture) के तहत काम करती है, जिसमें भारत के सूरी परिवार, जापान की Denso Corporation (जिसकी करीब 20% हिस्सेदारी है) और Suzuki Motor Corporation (जिसकी लगभग 11.96% हिस्सेदारी है) शामिल हैं।
नए नॉमिनी डायरेक्टर, Naohisa Kuriyama, Denso Corporation की थर्मल मैनेजमेंट सिस्टम्स बिज़नेस यूनिट के प्रमुख हैं। वहीं, उनके अल्टरनेट डायरेक्टर, Tsunenobu Hori, भी Denso की भारत क्षेत्र की कंपनियों में एक वरिष्ठ पद पर हैं। ये नियुक्तियाँ पिछले Denso नॉमिनी डायरेक्टर्स, Yusuke Hara और Yasuhiro Iida, द्वारा खाली किए गए पदों को भरेंगी।
हाल ही में, Subros ने Maruti Suzuki से इलेक्ट्रिक कंप्रेसर के लिए ₹1,280 करोड़ का बड़ा ऑर्डर हासिल किया है, जो EV और हाइब्रिड कंपोनेंट्स की ओर कंपनी का कदम दर्शाता है। कंपनी गुजरात प्लांट में इलेक्ट्रिक और ICE कंप्रेसर की क्षमता भी बढ़ा रही है। इसके अलावा, अक्टूबर 2025 से N2/N3 ट्रकों में AC-फिटेड केबिन के लिए सरकारी आदेश Subros के रेवेन्यू (Revenue) को बढ़ाने की उम्मीद है।
कंपनी के लिए जोखिम
Subros को एक बड़े जोखिम का सामना करना पड़ता है क्योंकि उसके रेवेन्यू का लगभग 85% हिस्सा Maruti Suzuki India Limited (MSIL) से आता है। अन्य संभावित जोखिमों में प्रोडक्ट रिकॉल (Product Recall) और प्रोडक्ट सेफ्टी व क्वालिटी से जुड़े उच्च वारंटी कॉस्ट (Warranty Cost) शामिल हैं। कंपनी को वेस्ट और वाटर मैनेजमेंट से जुड़े मामूली लिटिगेशन (Litigation) के जोखिम भी हैं। व्यापक ऑटो सहायक (Auto Ancillary) क्षेत्र को उद्योग की चक्रीयता (Cyclicality), कच्चे माल की कीमतों में अस्थिरता और EV ट्रांज़िशन (EV Transition) से व्यवधान जैसे जोखिमों का सामना करना पड़ता है।
