हॉस्पिटैलिटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी StayVista ने अगले चार सालों में अपना रेवेन्यू **₹180 करोड़** से बढ़ाकर **₹1,000 करोड़** तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। कंपनी अब अधिग्रहण, इवेंट होस्टिंग और रिसॉर्ट मैनेजमेंट के जरिए अपने बिजनेस का विस्तार करने की तैयारी में है।
बिजनेस मॉडल में बड़ा बदलाव
StayVista अब केवल वीकेंड पर विला रेंटल तक सीमित नहीं रहना चाहती। कंपनी अपने बिजनेस को एक नए स्तर पर ले जाने के लिए रिसॉर्ट मैनेजमेंट और इंडिविजुअल रूम सेल्स पर फोकस कर रही है। इसका मुख्य उद्देश्य वीकडेज में होने वाली कम ऑक्यूपेंसी की समस्या को दूर करना है। साथ ही, कंपनी कॉर्पोरेट इवेंट्स और शादियों (Weddings) के जरिए हाई-मार्जिन रेवेन्यू जुटाने की रणनीति पर काम कर रही है।
अधिग्रहण (Acquisitions) की आक्रामक रणनीति
फिलहाल कंपनी के पास 1,500 प्रॉपर्टीज और 6,000 कमरे हैं। कंपनी अब छोटे और प्रॉफिटेबल हॉस्पिटैलिटी फर्मों को खरीदकर अपनी पहुंच को वाइल्डलाइफ और तीर्थ स्थलों (Pilgrimage corridors) तक बढ़ाने की योजना बना रही है। हालांकि, हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में कंपनियों का विलय करना एक बड़ी चुनौती है, क्योंकि इसमें सर्विस क्वालिटी बनाए रखना और ऑपरेशनल कल्चर को मर्ज करना काफी जटिल होता है। इससे पहले कंपनी की SaffronStays को खरीदने की कोशिश सफल नहीं हो पाई थी, जो इस सेक्टर की कठिनाइयों को दर्शाता है।
रिस्क फैक्टर और चुनौतियां
निवेशकों को इस सेक्टर से जुड़े जोखिमों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। StayVista को होटल चेन, बुटीक रिसॉर्ट्स और ग्लोबल रेंटल प्लेटफॉर्म्स से कड़ी टक्कर मिल रही है। इसके अलावा, हाउसिंग सोसायटियों के कड़े नियम और ऑपरेशनल चुनौतियां भी लाभप्रदता (Profitability) पर असर डाल सकती हैं। जैसे-जैसे FY26 तक इंडस्ट्री में इन्वेंट्री 2,00,000 यूनिट्स के पार पहुंच रही है, कंपनी के लिए अपनी सर्विस को अलग दिखाना और खर्चों पर नियंत्रण रखना महत्वपूर्ण होगा।
