श्रीनगर का ऐतिहासिक Sheetalnath Temple **36 साल** के लंबे इंतजार के बाद फिर से खुल गया है। Srinagar Smart City Limited द्वारा किए गए जीर्णोद्धार के बाद यह मंदिर फिर से अपनी सांस्कृतिक गरिमा के साथ तैयार है, जो जम्मू-कश्मीर में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की सरकारी रणनीति का हिस्सा है।
मंदिर की वापसी और विरासत का संरक्षण
श्रीनगर के हब्बा कदल इलाके में स्थित इस प्राचीन मंदिर में तीन दशक से अधिक समय के बाद धार्मिक गतिविधियाँ शुरू हुई हैं। यह बहाली प्रोजेक्ट Srinagar Smart City Limited (SSCL) और जम्मू-कश्मीर संस्कृति विभाग की एक संयुक्त पहल है। 1990 के बाद से अस्थिरता के कारण बंद पड़ा यह मंदिर काफी जर्जर अवस्था में पहुंच गया था, जिसकी मरम्मत अब पूरी कर ली गई है।
ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व
यह मंदिर 'अष्ट भैरव' मंदिरों में से एक है, जो श्रीनगर के संरक्षक देवता माने जाते हैं। ऐतिहासिक रूप से यह स्थान न केवल धार्मिक बल्कि राजनीतिक चर्चाओं का भी केंद्र रहा है, जहां महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी और अटल बिहारी वाजपेयी जैसी हस्तियां भी पहुंची थीं।
आर्थिक प्रभाव और टूरिज्म का भविष्य
आर्थिक नजरिए से यह प्रोजेक्ट राज्य सरकार की उन कोशिशों का हिस्सा है, जिसके तहत कश्मीर की सांस्कृतिक विरासतों को पुनर्जीवित किया जा रहा है। सरकार का मुख्य लक्ष्य धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना है। पर्यटन में आई हालिया तेजी से होटल, ट्रांसपोर्ट और स्थानीय हस्तशिल्प उद्योगों को जबरदस्त फायदा हुआ है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि 'Smart Cities Mission' की सफलता और इंफ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ता खर्च आने वाले समय में कश्मीर के बिजनेस क्लाइमेट के लिए एक मजबूत आधार तैयार कर सकता है।
