यूज्ड-कार मार्केट में Spinny ने Cars24 को पीछे छोड़ते हुए FY26 में **₹6,000 करोड़** से ज्यादा का रेवेन्यू हासिल किया है। जहां Spinny अपने फुल-स्टैक मॉडल को बड़ा बना रही है, वहीं Cars24 अब मुनाफे के लिए कमीशन-आधारित मॉडल पर शिफ्ट हो रही है।
भारत के ऑर्गनाइज्ड यूज्ड-कार मार्केट में Spinny और Cars24 के बीच मुकाबला और कड़ा हो गया है। FY26 में Spinny ने ₹6,000 करोड़ से ज्यादा का रेवेन्यू दर्ज किया है, जो पिछले साल के मुकाबले 28% की ग्रोथ दिखाता है। इसके उलट, Cars24 का ऑपरेटिंग रेवेन्यू इस दौरान ₹5,092 करोड़ रहा।
बिजनेस मॉडल का अंतर
इनके आंकड़ों में अंतर का मुख्य कारण इनका काम करने का तरीका है। Spinny 'फुल-स्टैक मॉडल' पर काम करती है, जहां कंपनी खुद कारें खरीदती, रिफर्बिश करती और फिर बेचती है। इसके लिए ज्यादा कैपिटल की जरूरत होती है। कंपनी ने अब पब्लिक लिमिटेड कंपनी का दर्जा ले लिया है और 2027 में IPO लाने की तैयारी में है।
वहीं, Cars24 ने इन्वेंट्री-हैवी मॉडल से किनारा कर लिया है। कंपनी अब कमीशन-आधारित मॉडल और फाइनेंस व इंश्योरेंस जैसी सर्विसेज पर ध्यान दे रही है। इसी वजह से उसके रेवेन्यू में 18.3% की गिरावट आई है, लेकिन उसने अपने नेट लॉस को 18.8% कम करके ₹441 करोड़ तक सीमित कर लिया है।
सेक्टर के सामने चुनौतियां
भारत में आज भी 79% से 80% यूज्ड-कार ट्रांजेक्शन असंगठित डीलरों या सीधे ग्राहकों के बीच होते हैं। दोनों ही कंपनियों के लिए बड़ी चुनौती इन ग्राहकों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर भरोसा दिलाने की है। निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि 'फुल-स्टैक मॉडल' में रिफर्बिशमेंट और स्टोरेज की लागत हमेशा मार्जिन पर दबाव डालती है, जबकि कमीशन मॉडल पूरी तरह से ट्रांजेक्शन वॉल्यूम पर निर्भर करता है।
