SpaceX Shares: IPO प्राइस के करीब गिरे शेयर, लॉक-अप एक्सपायरी का मंडराया खतरा

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AuthorMehul Desai|Published at:
SpaceX Shares: IPO प्राइस के करीब गिरे शेयर, लॉक-अप एक्सपायरी का मंडराया खतरा

SpaceX के शेयर अपने IPO प्राइस ₹135 के करीब पहुंच गए हैं। हाल की ऊंचाई से लगभग 40% की गिरावट मुनाफावसूली (profit-taking) और आने वाली लॉक-अप एक्सपायरी के कारण देखी जा रही है। Nasdaq पर 12 जून, 2026 को कंपनी के डेब्यू के बाद यह गिरावट आई है, जिससे अगस्त में शुरुआती निवेशकों और कर्मचारियों द्वारा शेयर बेचने की क्षमता बढ़ने से सप्लाई का दबाव दिख रहा है।

लॉक-अप एक्सपायरी का मंडराया खतरा

स्पेस टेक्नोलॉजी फर्म Space Exploration Technologies Corp. (SpaceX) के शेयरों में हाल के ट्रेडिंग सेशन में गिरावट देखी गई है। शेयर $132.15 तक गिर गए थे, जो कंपनी की इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) प्राइस $135 प्रति शेयर से बस थोड़ा ही ऊपर है। यह IPO प्राइस कंपनी के 12 जून, 2026 को Nasdaq पर पब्लिक मार्केट डेब्यू के दौरान तय किया गया था। पिछले चार ट्रेडिंग दिनों में स्टॉक में लगभग 12.5% की गिरावट आई है।

सप्लाई का बढ़ता दबाव

निवेशकों की चिंता का मुख्य कारण अगस्त में लॉक-अप पीरियड का खत्म होना है। IPO के बाद यह एक आम प्रतिबंध है जो इनसाइडर्स, शुरुआती निवेशकों और कर्मचारियों को बाजार की स्थिरता बनाए रखने के लिए एक निश्चित अवधि तक अपने शेयर बेचने से रोकता है। जैसे-जैसे एक्सपायरी डेट नजदीक आ रही है, बाजार में अतिरिक्त शेयर आने की उम्मीद है। अनुमान है कि लॉक-अप पीरियड खत्म होने के बाद लगभग 911.5 मिलियन शेयर बिक्री के लिए उपलब्ध हो जाएंगे, जिससे अल्पावधि में सप्लाई डिमांड पर हावी हो सकती है।

वैल्यूएशन और ओनरशिप पर असर

लिस्टिंग के बाद से SpaceX के मार्केट वैल्यूएशन में बड़ी गिरावट आई है। लिस्टिंग के बाद तीव्र वृद्धि के दौर के बाद, कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन अपने चरम मूल्यांकन से लगभग $1 ट्रिलियन कम हो गया है। इस वैल्यू में कमी का प्रमुख शेयरधारकों, खासकर एलन मस्क पर सीधा असर पड़ा है। 42% से अधिक कंपनी के इक्विटी के मालिक होने के नाते, शेयर की कीमतों में उतार-चढ़ाव सीधे तौर पर उनकी निजी संपत्ति को प्रभावित करता है। हाल की रिपोर्टों के अनुसार, उनकी संपत्ति घटकर लगभग $856 बिलियन रह गई है, जो $1 ट्रिलियन के निशान से नीचे है।

निवेशकों के लिए आगे क्या?

निवेशक अब अगस्त पर नजरें गड़ाए हुए हैं कि लॉक-अप प्रतिबंधों के हटने पर बाजार अतिरिक्त लिक्विडिटी को कैसे अवशोषित करता है। इस बढ़े हुए शेयर सप्लाई के बीच कंपनी अपनी वैल्यूएशन बनाए रखने में कितनी सफल होती है, यह बाजार की स्थिरता के लिए एक महत्वपूर्ण कारक होगा। इसके अतिरिक्त, निवेशक संस्थागत होल्डिंग्स और कंपनी की लंबी अवधि की कैपिटल स्ट्रक्चर या स्पेस और सैटेलाइट सर्विसेज सेक्टर में रणनीतिक योजनाओं से संबंधित किसी भी प्रबंधन टिप्पणी पर भी नजर रखेंगे।

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