NYU के फाइनेंस प्रोफेसर एश्वथ दामोदरन ने SpaceX के $1.3 ट्रिलियन के वैल्यूएशन पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि कंपनी के $20 बिलियन के रेवेन्यू को देखते हुए यह वैल्यूएशन सही नहीं लगता। जून में Nasdaq पर लिस्टिंग के बाद, कंपनी अपने हालिया वित्तीय नुकसान और भविष्य की उम्मीदों को लेकर जांच के दायरे में है। निवेशक अब कंपनी की तकनीकी उपलब्धियों और लगातार मुनाफे में न होने की स्थिति के बीच संतुलन बना रहे हैं।
क्या है मामला?
न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी (NYU) के बिजनेस स्कूल के फाइनेंस प्रोफेसर एश्वथ दामोदरन ने SpaceX के वैल्यूएशन को लेकर सवाल खड़े किए हैं। 12 जून 2026 को Nasdaq पर $135 प्रति शेयर के भाव पर लिस्ट होने के बाद से ही कंपनी का मार्केट वैल्यूएशन चर्चा का विषय रहा है। $1.3 ट्रिलियन के मुकाम तक पहुंचने के बावजूद, दामोदरन का मानना है कि कंपनी की मौजूदा वित्तीय परफॉरमेंस के आधार पर यह कीमत सही नहीं ठहराई जा सकती। उनका कहना है कि कंपनी को भविष्य में जो सफलता मिलनी है, उसके हिसाब से यह कीमत बहुत ज़्यादा है।
वैल्यूएशन और रेवेन्यू का अंतर
निवेशकों के लिए यह समझना ज़रूरी है कि वैल्यूएशन और रेवेन्यू के बीच कितना बड़ा अंतर है। SpaceX ने 2025 में $20 बिलियन का रेवेन्यू दर्ज किया था। जब किसी कंपनी का वैल्यूएशन $1.3 ट्रिलियन हो और वह $20 बिलियन ही कमा रही हो, तो इसका मतलब है कि निवेशक हर डॉलर के रेवेन्यू के लिए बहुत ज़्यादा कीमत चुका रहे हैं। ऐसा अक्सर हाई-ग्रोथ वाली टेक्नोलॉजी कंपनियों के साथ होता है, जहां मार्केट को उम्मीद होती है कि कंपनी भविष्य में काफी बढ़ेगी और ज़्यादा मुनाफे वाली बनेगी। दामोदरन बताते हैं कि भले ही SpaceX ऑपरेशनल तौर पर एक बेहतरीन कंपनी है, लेकिन मौजूदा शेयर की कीमत के लिए भविष्य में बहुत बड़ी सफलता ज़रूरी है, जिसमें काफी जोखिम है।
मुनाफे की चुनौती
कंपनी की फाइनेंशियल फाइल्स के अनुसार, SpaceX ने 2025 में $4.9 बिलियन का नुकसान दर्ज किया था। इससे पता चलता है कि कंपनी फिलहाल जितना पैसा कमा रही है, उससे ज़्यादा खर्च कर रही है। एलन मस्क ने खुद भी जोखिमों को स्वीकार किया है और कहा है कि Starship जैसे प्रोजेक्ट्स में दिवालिया होने का भी खतरा है, अगर वे सफल उड़ानें हासिल नहीं कर पाए। निवेशकों के लिए, लगातार मुनाफे का न होना कंपनी के ऊंचे वैल्यूएशन को इन जटिल और महंगे प्रोजेक्ट्स की सफल एग्जीक्यूशन पर निर्भर बनाता है।
स्टॉक पर क्या हुआ असर?
IPO के बाद से स्टॉक में काफी उतार-चढ़ाव देखा गया है। जून के एक ही ट्रेडिंग सेशन में, कंपनी का वैल्यूएशन $400 बिलियन तक गिर गया था। Investing.com के स्टीव सिल्वर जैसे एनालिस्ट्स ने भी माना है कि कंपनी अभी लगातार मुनाफे में नहीं है, जो कि कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव का एक कारण है। इस गिरावट में बाज़ार के बड़े फैक्टर जैसे अमेरिकी बॉन्ड यील्ड का बढ़ना और टेक्नोलॉजी व आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेक्टरों में खर्च का कम होना भी शामिल था।
आगे निवेशकों को क्या देखना चाहिए?
निवेशकों के लिए सबसे ज़रूरी है कि वे बिजनेस की क्वालिटी और इन्वेस्टमेंट की क्वालिटी के बीच का फर्क समझें। कोई कंपनी तकनीकी रूप से कितनी भी बेहतर क्यों न हो, अगर उसकी कीमत बहुत ज़्यादा रखी गई है, तो शेयरधारकों को फायदा नहीं मिल सकता। आगे, इस बात पर ध्यान दिया जाएगा कि SpaceX अपने नुकसान को कैसे कम करती है, Starship लॉन्च में कितनी प्रगति होती है, और क्या वह रेवेन्यू ग्रोथ को बनाए रख पाती है। कंपनी का मुनाफे की ओर बढ़ना ही यह तय करेगा कि उसका मौजूदा मार्केट वैल्यूएशन लंबे समय तक टिका रह पाएगा या नहीं।
