साल 2026 की तीसरी तिमाही में स्पेस स्टार्टअप्स ने **$20.8 बिलियन** की रिकॉर्ड फंडिंग जुटाई है। हालांकि, प्राइवेट सेक्टर की इस भारी चमक के बावजूद, शेयर बाजार में लिस्टेड स्पेस कंपनियां काफी उतार-चढ़ाव (Volatility) का सामना कर रही हैं।
स्पेस सेक्टर में निवेश की तस्वीर इस समय दो अलग-अलग रास्तों पर चल रही है। तीसरी तिमाही में कुल 216 डील्स के जरिए $20.8 बिलियन का रिकॉर्ड निवेश हुआ है। इसमें से $16.4 बिलियन अकेले उन कंपनियों को मिले हैं जो रॉकेट लॉन्च और स्पेस एक्सेस पर काम कर रही हैं। इसके अलावा, सैटेलाइट कम्युनिकेशन और अर्थ ऑब्जर्वेशन स्टार्टअप्स में $4 बिलियन का निवेश आया है।
डिफेंस और इंफ्रास्ट्रक्चर पर दांव
इस फंडिंग का बड़ा हिस्सा सरकार और संस्थागत निवेशकों (Institutional Investors) से आ रहा है, जो डिफेंस और मजबूत स्पेस इंफ्रास्ट्रक्चर पर ध्यान दे रहे हैं। Hadrian ने $1.37 बिलियन और Stoke Space ने $1 बिलियन जुटाकर यह साबित कर दिया है कि प्राइवेट इक्विटी का भरोसा उन कंपनियों पर ज्यादा है जो ठोस टेक्नोलॉजी दे रही हैं।
पब्लिक मार्केट में क्यों है 'हवा खराब'?
प्राइवेट सेक्टर की इस तेजी के विपरीत, पब्लिक मार्केट में Rocket Lab, AST SpaceMobile और Intuitive Machines जैसे स्टॉक्स में काफी उठापटक देखने को मिल रही है। इसकी मुख्य वजह यह है कि पब्लिक मार्केट कंपनियों के 'कैश बर्न' और प्रॉफिटेबिलिटी पर नजर रखता है। SpaceX जैसे बड़े दिग्गजों के दबदबे के कारण छोटी लिस्टेड कंपनियों के लिए बाजार में टिके रहना और मार्केट शेयर बचाना मुश्किल हो रहा है।
निवेशकों के लिए चेतावनी
अगर आप स्पेस स्टॉक्स में निवेश की सोच रहे हैं, तो केवल फंडिंग के आंकड़ों को देखकर खुश न हों। इस सेक्टर में कंपनियां बार-बार फंड जुटाने के लिए नए शेयर जारी करती हैं, जिससे मौजूदा निवेशकों की हिस्सेदारी 'डाइल्यूट' (Dilute) हो सकती है। निवेशकों को कंपनी के कैश फ्लो, सरकारी कॉन्ट्रैक्ट्स और लंबे समय में मुनाफे तक पहुंचने के रोडमैप पर बारीकी से नजर रखने की जरूरत है।
