Sotefin Bharat का ₹89.76 करोड़ का IPO 20 जुलाई को बंद हुआ और यह 3.78 गुना सब्सक्राइब हुआ। रिटेल निवेशकों और नॉन-इंस्टीट्यूशनल निवेशकों (NIIs) की तरफ से अच्छी मांग दिखी। हालांकि, ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) घटकर 2% रह गया, जो निवेशकों की थोड़ी सावधानी को दर्शाता है। कंपनी इस पैसे का इस्तेमाल कोलकाता में एक नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने के लिए करेगी।
IPO को मिला दमदार सब्सक्रिप्शन!
ऑटोमेटेड पार्किंग टेक्नोलॉजी में माहिर कंपनी Sotefin Bharat का इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) 20 जुलाई को सफलतापूर्वक समाप्त हुआ। ₹89.76 करोड़ के इस इश्यू को कुल 1.29 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां मिलीं, जो कि ऑफर किए गए 34.32 लाख शेयरों से काफी ज्यादा है। रिटेल इन्वेस्टर्स और NIIs ने इसमें सबसे ज्यादा दिलचस्पी दिखाई, जिनके लिए रिजर्व कोटा क्रमशः 3.78 गुना और 4.74 गुना सब्सक्राइब हुआ। वहीं, क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) के लिए रखा गया हिस्सा 2.82 गुना सब्सक्राइब हुआ।
ग्रे मार्केट की बदली चाल
जहां सब्सक्रिप्शन के आंकड़े मजबूत लग रहे हैं, वहीं ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) में भारी गिरावट देखी गई है। IPO के दौरान यह प्रीमियम 10% से ऊपर चल रहा था, लेकिन इश्यू बंद होते-होते यह घटकर लगभग 2% पर आ गया। GMP में यह गिरावट अक्सर यह संकेत देती है कि निवेशक लिस्टिंग वाले दिन बड़े मुनाफे को लेकर थोड़े सतर्क हो गए हैं।
नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट और विस्तार की योजना
Sotefin Bharat फ्रेश इश्यू से मिले ₹20.1 करोड़ का इस्तेमाल कोलकाता में एक नई मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी स्थापित करने में करेगी। कंपनी फिलहाल ऑटोमेटेड पार्किंग सिस्टम में इस्तेमाल होने वाले रोबोट्स के लिए आयात पर निर्भर है। इस नई यूनिट से कंपनी इन-हाउस प्रोडक्शन की तरफ बढ़ेगी, जिससे आयात पर निर्भरता कम होगी। इसके अलावा, ₹8.17 करोड़ एक नए ऑफिस के लिए रखे गए हैं और ₹40 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करेंगे। कंपनी के IPO का प्राइस बैंड ₹178-187 प्रति शेयर था, जिसमें 48 लाख शेयरों का फ्रेश इश्यू शामिल था।
निवेशकों के लिए अहम बातें
शेयरधारकों के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह देखना होगी कि कंपनी आयात-आधारित मॉडल से इन-हाउस मैन्युफैक्चरिंग में सफलतापूर्वक कैसे ट्रांजिशन करती है। एक नई फैक्ट्री सेटअप करने और प्रोडक्शन शुरू करने में लागत बढ़ने या देरी जैसी समस्याएं आ सकती हैं। साथ ही, ₹40 करोड़ वर्किंग कैपिटल के लिए रखना बताता है कि कंपनी का बिजनेस मॉडल कैश फ्लो पर काफी निर्भर हो सकता है। निवेशकों को कंपनी की प्रॉफिट मार्जिन पर नजर रखनी चाहिए, खासकर नई इंफ्रास्ट्रक्चर लागतों को झेलते हुए। एंकर निवेशकों से ₹25.58 करोड़ जुटाने के बाद, फाइनल शेयर अलॉटमेंट 21 जुलाई को होगा, और स्टॉक के 23 जुलाई को एक्सचेंजों पर लिस्ट होने की उम्मीद है।
