NEET विवाद पर लामबंद! सोनम वांगचुक का अनशन 19वें दिन भी जारी

OTHER
Whalesbook Logo
AuthorMehul Desai|Published at:
NEET विवाद पर लामबंद! सोनम वांगचुक का अनशन 19वें दिन भी जारी

सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक NEET परीक्षा में अनियमितताओं के खिलाफ अपना अनिश्चितकालीन अनशन 19वें दिन भी जारी रखे हुए हैं। इस विरोध प्रदर्शन ने राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित किया है और कई बड़े नेताओं का समर्थन मिला है, लेकिन उनकी सेहत को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं।

अनशन 19वें दिन भी जारी, सेहत पर चिंता

दिल्ली के जंतर-मंतर पर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक NEET परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के विरोध में अपने अनिश्चितकालीन अनशन के 19वें दिन पहुंच गए हैं। वांगचुक ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है।

वांगचुक ने बताया कि उनका वजन अब 57.15 किलोग्राम रह गया है, जो अनशन शुरू करने के बाद से करीब 9 किलोग्राम कम है। इसके बावजूद, वे मेडिकल निगरानी में हैं और अपना विरोध जारी रखने पर अड़े हुए हैं। छात्र समूहों के समर्थन वाले इस आंदोलन ने अब एक अहम मोड़ ले लिया है, क्योंकि आयोजक 20 जुलाई को संसद की ओर 'चलो संसद' मार्च की तैयारी कर रहे हैं।

नेताओं की अपील और कानूनी सक्रियता

कांग्रेस सांसद शशि थरूर, तृणमूल कांग्रेस नेता ममता बनर्जी और आप के अरविंद केजरीवाल सहित कई राजनीतिक नेताओं ने वांगचुक से अनशन खत्म करने की अपील की है। उन्होंने माना कि वांगचुक के प्रयासों से परीक्षा पारदर्शिता का मुद्दा राष्ट्रीय विमर्श में मजबूती से उठा है। इसी बीच, दिल्ली हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दायर की गई है। याचिका में प्रदर्शनकारियों की चिकित्सा देखभाल और सुरक्षा को लेकर अदालत से हस्तक्षेप की मांग की गई है, खासकर यदि स्वास्थ्य लगातार बिगड़ता है।

प्रदर्शन को व्यापक समर्थन, सरकार पर सवाल

इस विरोध प्रदर्शन को 1,800 से अधिक शिक्षाविदों और कलाकारों सहित एक व्यापक गठबंधन का समर्थन प्राप्त है, जो प्रदर्शनकारियों से प्राथमिक मांगों के लिए लड़ते हुए अपने स्वास्थ्य को बनाए रखने का आग्रह कर रहे हैं। 'कॉकटेल जनता पार्टी' के नेतृत्व वाले आयोजकों ने परीक्षा प्रक्रिया में प्रणालीगत विफलता के आरोपों के संबंध में सरकार की ओर से सीधी बातचीत की कमी पर निराशा व्यक्त की है।

निवेशक और आम जनता 20 जुलाई को होने वाले नियोजित मार्च पर नजर बनाए हुए है। मुख्य घटनाक्रमों में परीक्षा पारदर्शिता संबंधी चिंताओं पर सरकार की कोई औपचारिक प्रतिक्रिया, दिल्ली हाई कोर्ट में चल रही कानूनी कार्यवाही का परिणाम और संसद की ओर नियोजित मार्च आंदोलन की समग्र गति को कैसे प्रभावित करता है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।

Disclaimer:This article is published for informational purposes only. While reasonable efforts are made to ensure accuracy, completeness, and timeliness, readers are encouraged to independently verify information before making any decisions based on the content. The views and information presented are subject to editorial review and may be updated without notice.