वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के अधिकारियों को बड़ा निर्देश दिया है। उन्होंने कहा है कि टैक्सपेयर्स को मिलने वाली सेवाओं में देरी को तुरंत खत्म किया जाए। मंत्री ने सरकारी कामकाज में सुस्ती और प्रॉपर्टी मैनेजमेंट में कमी पर चिंता जताई।
Detailed Coverage
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इनकम टैक्स (Income Tax) अधिकारियों को एक कड़ा निर्देश जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि अब सरकारी कामकाज में तेजी लाई जाए और टैक्सपेयर्स को बेहतर सेवाएं दी जाएं। मुंबई में 'आयकर सिंधु' बिल्डिंग के उद्घाटन के मौके पर उन्होंने कहा कि टैक्स भरने वाले लोगों को किसी भी सरकारी सेवा के लिए बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ने चाहिए।
सरकारी कामकाज में सुस्ती और संपत्ति प्रबंधन पर सख्त रुख
मंत्री ने सरकारी विभागों के 'सुस्त' रवैये पर सवाल उठाए। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि 1973 से नारिमल प्वाइंट पर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की एक जमीन सरकारी कब्जे में है, लेकिन उसका ठीक से मैनेजमेंट न होने के कारण उस पर अवैध कब्जा हो गया। मंत्री के मुताबिक, यह एक बड़ा उदाहरण है कि कैसे सरकारी लापरवाही खजाने को नुकसान पहुंचाती है।
इंफ्रास्ट्रक्चर और कर्मचारियों के आवास की समस्या
टैक्सपेयर्स को बेहतर सेवाएं देने के अलावा, मंत्री ने इनकम टैक्स कर्मचारियों के लिए सरकारी आवास की भारी कमी पर भी बात की। मुंबई और नवी मुंबई में करीब आधे कर्मचारियों के पास सरकारी घर नहीं हैं, जिसकी वजह से उन्हें लंबा सफर तय करना पड़ता है। सीतारमण ने आश्वासन दिया कि सरकारी जमीन के ट्रांसफर में आ रही दिक्कतों को दूर करने के लिए वे खुद दखल देंगी। उन्होंने सेंट्रल पब्लिक वर्कस डिपार्टमेंट (CPWD) के साथ तालमेल बढ़ाने और टेंडरिंग व अप्रूवल प्रक्रियाओं को आसान बनाने की बात कही, ताकि भविष्य में इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में देरी और लागत बढ़ने से बचा जा सके।
टैक्स एडमिनिस्ट्रेशन से उम्मीदें
मंत्री ने साफ किया कि उनके निर्देशों का मतलब नियमों या कानूनी प्रक्रियाओं को तोड़ना नहीं है, बल्कि प्रशासनिक कुशलता बढ़ाना है। अब इनकम टैक्स डिपार्टमेंट का मुख्य ध्यान लंबित अप्रूवल्स को जल्द से जल्द निपटाने और सरकारी संपत्तियों के बेहतर मैनेजमेंट पर रहेगा। यह देखना अहम होगा कि इन निर्देशों से टैक्स संबंधी मंजूरियों की रफ्तार और सरकारी प्रॉपर्टी के इस्तेमाल में कितनी बढ़ोतरी होती है।
