Siddhivinayak Temple Donation Theft: ₹18 करोड़ की हेराफेरी का आरोप, ट्रस्ट जांच के दायरे में

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Siddhivinayak Temple Donation Theft: ₹18 करोड़ की हेराफेरी का आरोप, ट्रस्ट जांच के दायरे में

मुंबई के श्री सिद्धिविनायक गणपति मंदिर ट्रस्ट (Siddhivinayak Temple Trust) पर दान की राशि में हेराफेरी का गंभीर आरोप लगा है। ट्रस्ट पर सालाना करीब **₹18 करोड़** की राशि चोरी होने का इल्जाम है, जिसके बाद अब मामले की जांच की मांग उठाई जा रही है।

दान में हेराफेरी का पूरा मामला

यह मामला तब सामने आया जब महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के प्रमुख राज ठाकरे ने आरोप लगाया कि मंदिर में आने वाले दान की एक बड़ी रकम, करीब ₹18 करोड़ सालाना, कुछ लोगों द्वारा गबन की जा रही है। इस आरोप के बाद से ट्रस्ट की वित्तीय व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।

कर्मचारियों की गिरफ्तारी के बाद कलेक्शन में उछाल?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, हाल ही में ट्रस्ट के 9 कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है और करीब 45 कर्मचारियों को निलंबित किया गया है। इन कार्रवाइयों के बाद, मंदिर में आने वाले दान में हैरानीजनक बढ़ोतरी देखी गई है। पहले जहां बुधवार को साप्ताहिक कलेक्शन ₹50 लाख से भी कम था, वहीं अब यह बढ़कर ₹1.5 करोड़ तक पहुंच गया है। यह उछाल या तो सिस्टम में लीकेज को रोकने का नतीजा है या फिर आंतरिक नियंत्रणों में अभी भी खामियां मौजूद होने का संकेत दे रहा है।

जांच की मांग और राजनीतिक हलचल

मंदिर ट्रस्ट के 8 ट्रस्टियों ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को एक पत्र लिखकर इस मामले की उच्च-स्तरीय सरकारी जांच की मांग की है। ट्रस्टियों ने कहा है कि चोरी के शुरुआती मामलों को उन्हीं के द्वारा उजागर किया गया था और उन्हें वरिष्ठ अधिकारियों की मिलीभगत का भी शक है। इस मुद्दे ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है, जहां विपक्षी दल मंदिर ट्रस्ट के प्रबंधन और निगरानी पर सवाल उठा रहे हैं।

ट्रस्ट की सफाई

श्री सिद्धिविनायक गणपति मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष सदा सरवणकर ने इन आरोपों का खंडन किया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान बोर्ड ने ही अनियमितताओं का पता लगाया और कार्रवाई की। सरवणकर का कहना है कि ₹18 करोड़ की सालाना चोरी का मामला पुरानी मैनेजमेंट के समय से चला आ रहा था और वर्तमान बोर्ड ने इसे रोकने के लिए कदम उठाए हैं। ट्रस्ट का कहना है कि वे जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.