अयोध्या स्थित Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust अपने संचालन को और बेहतर बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है। ट्रस्ट **2 सितंबर, 2026** को अपना पहला परमानेंट चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) नियुक्त करने जा रहा है। इसके लिए एक खास सर्च कमेटी ने **5,500** से ज्यादा आवेदनों में से योग्य उम्मीदवार को चुना है।
प्रोफेशनल लीडर की तलाश
ट्रस्ट ने इस अहम पद के लिए एक तीन-सदस्यीय सर्च कमेटी बनाई थी, जिसमें रिटायर्ड जस्टिस प्रमोद कोहली, लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) विष्णु कांत चतुर्वेदी और उद्योगपति सुरेश हावरे शामिल थे। इस कमेटी को कुल 5,585 आवेदन मिले थे, जिनमें आईएएस, आईपीएस अधिकारी और एनजीओ सेक्टर के दिग्गज शामिल थे। कड़े चयन के बाद 16 उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया था। अब यह कमेटी अपनी सिफारिशें ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास को अयोध्या में होने वाली बैठक में सौंपेगी।
क्यों हो रही है ये नियुक्ति?
राम मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में भारी उछाल के बाद, ट्रस्ट ने अब एडमिनिस्ट्रेशन को और भी प्रोफेशनल बनाने का फैसला लिया है। नई नियुक्तियों के साथ-साथ ट्रस्ट अपने 'ट्रस्ट डीड' में भी बदलाव पर विचार कर रहा है।
नई व्यवस्था के तहत जनरल सेक्रेटरी और नए CEO के बीच अधिकारों का स्पष्ट बंटवारा किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य स्टाफ हायरिंग से लेकर दर्शन मैनेजमेंट और मंदिर के रोजमर्रा के कामकाज को एक तय स्ट्रक्चर में लाना है, ताकि लंबी अवधि के लिए मंदिर की व्यवस्था को और सुचारू बनाया जा सके।
