मुंबई की Shree Naman Group ने इनसॉल्वेंसी प्रक्रिया के जरिए JW Marriott Bengaluru और Crowne Plaza Pune के लिए **₹1,800 करोड़** की सफल बोली लगाई है। इस विस्तार से कंपनी का पोर्टफोलियो मजबूत होगा, हालांकि पुराने प्रमोटरों के कानूनी दांव-पेच के कारण डील में देरी की संभावना बनी हुई है।
मुंबई स्थित रियल एस्टेट डेवलपर Shree Naman Group ने हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में अपनी धाक जमाते हुए दो प्रमुख संपत्तियों—बेंगलुरु का JW Marriott और पुणे का Crowne Plaza—के अधिग्रहण की रेस जीत ली है। यह डील ₹1,800 करोड़ के आसपास की है, जिसे Advantage Raheja Group की इनसॉल्वेंसी प्रक्रिया के तहत पूरा किया गया है। कंपनी पहले से ही Sofitel Mumbai BKC और Ibis Mumbai BKC जैसे लक्जरी होटलों का संचालन करती है।
सेक्टर में कंसोलिडेशन का दौर
भारत के हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में इस समय तेजी से कंसोलिडेशन हो रहा है। भले ही Shree Naman Group एक अनलिस्टेड कंपनी है, लेकिन उनका यह कदम Chalet Hotels और Juniper Hotels जैसी लिस्टेड कंपनियों के लिए एक संकेत है कि बड़े खिलाड़ी प्रीमियम संपत्तियों को खरीदने के लिए आक्रामक रुख अपना रहे हैं।
कानूनी अड़चनें और रिस्क
निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि इस डील की राह आसान नहीं है। Advantage Raheja Group के पूर्व प्रमोटरों ने दिवाला प्रक्रिया को सुप्रीम कोर्ट और नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) में चुनौती दी है। इन कानूनी विवादों के कारण संपत्ति का मालिकाना हक मिलने में कई महीनों की देरी हो सकती है।
साथ ही, कंपनी के निजी होने के कारण इसकी फाइनेंशियल ट्रांसपेरेंसी पर भी सवाल उठते रहे हैं। पिछली क्रेडिट रेटिंग्स में 'इश्यूअर नॉन-को-ऑपरेशन' (Issuer Non-cooperation) की चिंताएं सामने आई थीं, जिससे इस अधिग्रहण के डेट इम्पैक्ट और लॉन्ग-टर्म सस्टेनेबिलिटी को समझना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। फिलहाल मार्केट की नजरें कोर्ट के अंतिम फैसलों पर टिकी हैं।
