Shiprocket और Behari Lal Engineering ने **14 अगस्त 2026** को अपने इनिशियल पब्लिक ऑफर (IPO) का सब्सक्रिप्शन बंद कर दिया है। दोनों कंपनियों के शेयर **19 अगस्त** को NSE और BSE पर लिस्ट होने वाले हैं। अब निवेशक अलॉटमेंट की प्रक्रिया शुरू होने का इंतज़ार कर रहे हैं।
Shiprocket और Behari Lal Engineering ने शुक्रवार, 14 अगस्त 2026 को अपने इनिशियल पब्लिक ऑफर (IPO) की बोली प्रक्रिया को आधिकारिक तौर पर बंद कर दिया है। दोनों कंपनियों के IPO में रिटेल और इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स की ओर से लगातार भागीदारी देखी गई। बिडिंग पूरी होने के साथ ही, अब बाज़ार की नज़रें शेयर अलॉटमेंट की स्थिति और आने वाली लिस्टिंग पर टिकी हैं।
कब होगी लिस्टिंग?
दोनों कंपनियों के शेयरों की लिस्टिंग नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर 19 अगस्त 2026 को होने की उम्मीद है। जिन निवेशकों ने इन शेयरों के लिए अप्लाई किया था, उन्हें जल्द ही अलॉटमेंट स्टेटस के बारे में अपडेट मिलेगा, जो कि अंतिम सब्सक्रिप्शन डेटा के आधार पर यह तय करेगा कि उन्हें कितने शेयर मिलेंगे।
Shiprocket IPO: क्या है प्लान?
ई-कॉमर्स के लिए फुल-स्टैक प्लेटफॉर्म चलाने वाली Shiprocket ने ₹92 से ₹97 प्रति शेयर के प्राइस बैंड के साथ अपना IPO लॉन्च किया था। कंपनी इस फंड का इस्तेमाल मार्केटिंग, टेक्नोलॉजिकल सुधार, संभावित अधिग्रहण और कर्ज चुकाने के लिए करेगी। इसका बिज़नेस मॉडल लॉजिस्टिक्स और सेलर सर्विसेज पर केंद्रित है, जो भारत में ऑनलाइन रिटेल की बढ़त के साथ काफी सक्रिय रहा है।
Behari Lal Engineering IPO: क्या है उम्मीद?
मेटल रोल्स, कास्टिंग और फोर्जिंग इंगॉट्स बनाने वाली Behari Lal Engineering, जो स्टील और पावर इंडस्ट्रीज को सप्लाई करती है, का IPO ₹271 से ₹285 प्रति शेयर के प्राइस बैंड पर बंद हुआ। कंपनी इस पब्लिक इश्यू से मिले पैसों का इस्तेमाल अपनी मशीनरी को अपग्रेड करने, ऊर्जा दक्षता के लिए सोलर पैनल लगाने और मौजूदा कर्ज को कम करने की योजना बना रही है।
एंकर इन्वेस्टर्स की दिलचस्पी
पब्लिक इश्यू खुलने से पहले, दोनों कंपनियों ने एंकर इन्वेस्टर्स से फंड जुटाकर इंस्टीट्यूशनल दिलचस्पी दिखाई थी। हालांकि, मजबूत सब्सक्रिप्शन नंबर अक्सर बाज़ार प्रतिभागियों द्वारा देखे जाते हैं, लेकिन निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि सब्सक्रिप्शन लेवल लिस्टिंग पर पॉजिटिव परफॉरमेंस की गारंटी नहीं देते हैं। लिस्टिंग के दिन बाज़ार की अस्थिरता, सेक्टर-स्पेसिफिक मांग और आर्थिक हालात जैसे कारक महत्वपूर्ण प्रभाव डालते हैं। निवेशक आने वाले दिनों में फाइनल अलॉटमेंट की घोषणा पर नज़र रख सकते हैं, जो रजिस्ट्रार या एक्सचेंज की वेबसाइटों के माध्यम से उपलब्ध होगी।
