Seoni District Hospital: नवजात बच्चों की मौत से मचा हड़कंप, जांच के घेरे में अस्पताल

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AuthorNeha Patil|Published at:
Seoni District Hospital: नवजात बच्चों की मौत से मचा हड़कंप, जांच के घेरे में अस्पताल

मध्यप्रदेश के Seoni District Hospital में जुलाई से सितंबर **2026** के बीच **46** नवजात बच्चों की मौत के बाद हड़कंप मच गया है। परिवारों ने लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसके बाद प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

जुलाई 1 से सितंबर 30, 2026 के बीच अस्पताल के स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट में बच्चों की हुई मौतों ने पूरे राज्य में स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोग और पीड़ित परिवार अब अस्पताल में इलाज की गुणवत्ता और स्टाफ की कमी की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।\n\n### नेता का सख्त रुख\nस्थानीय विधायक दिनेश राय मुनमुन ने अस्पताल का दौरा किया है। उन्होंने मेडिकल लापरवाही और स्टाफ की गैर-मौजूदगी की शिकायतों पर कड़ा संज्ञान लेते हुए सिस्टम की खामियों की विस्तृत समीक्षा करने को कहा है।\n\n### प्रशासन का क्या है तर्क?\nअस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. विनोद कुमार नवकर ने इन आरोपों पर सफाई दी है। उन्होंने बताया कि यह अस्पताल इस इलाके में 'रेफरल हब' के तौर पर काम करता है। इन 3 महीनों में कुल 592 नवजात भर्ती किए गए, जिनमें से कई बच्चे जन्म के समय ही गंभीर जटिलताओं जैसे प्री-मैच्योर बर्थ या ऑक्सीजन की कमी से जूझ रहे थे। प्रशासन का दावा है कि मृत्यु दर Jabalpur डिवीजन के अन्य सरकारी अस्पतालों के बराबर ही है।\n\n### अब आगे क्या?\nअस्पताल प्रशासन ने यह भी स्वीकार किया कि मेडिकल कॉलेज के पीडियाट्रिक विशेषज्ञों के साथ तालमेल बिठाने के लिए कोई औपचारिक ड्यूटी रोस्टर न होना एक बड़ी समस्या है। अब जांच इस बात पर केंद्रित होगी कि क्या प्रशासनिक लापरवाही और विशेषज्ञों की कमी ने इलाज में बाधा डाली। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट ही तय करेगी कि अस्पताल के ड्यूटी शेड्यूल और रिसोर्स मैनेजमेंट में क्या बदलाव किए जाने चाहिए।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.