भारतीय शेयर बाज़ारों ने गुरुवार को लगातार दूसरे दिन अच्छी क्लोजिंग दी। BSE Sensex **273** अंकों की बढ़त के साथ **77,928** पर बंद हुआ, जबकि NSE Nifty **67** अंक चढ़कर **24,317** पर पहुंच गया। इसकी मुख्य वजह बड़े यानी ब्लू-चिप शेयरों में मजबूती और विदेशी फंडों का इनफ्लो रहा। इस बीच, 2026 की दूसरी तिमाही में सोने की ग्लोबल डिमांड **1,269** टन पर स्थिर रही, हालांकि साल की पहली छमाही में **2%** की ग्रोथ दर्ज की गई।
दिग्गज शेयरों की धूम
गुरुवार को भारतीय इक्विटी बाज़ारों ने अपनी सकारात्मक चाल जारी रखी। BSE Sensex 273.55 अंक यानी 0.35% की तेजी के साथ 77,928.15 पर बंद हुआ। पूरे दिन के कारोबार में इंडेक्स ने 78,007.09 का हाई और 77,440.91 का लो बनाया। वहीं, NSE Nifty 66.95 अंक यानी 0.28% की बढ़त के साथ 24,317.15 पर बंद हुआ।
इस तेजी के पीछे Reliance Industries, HDFC Bank, State Bank of India, Maruti, Mahindra & Mahindra और Power Grid Corporation जैसे हैवीवेट शेयरों का बड़ा योगदान रहा। हालांकि, Adani Ports, InterGlobe Aviation, Bajaj Finserv और Bharat Electronics जैसे कुछ प्रमुख शेयरों में बिकवाली का दबाव देखा गया और वे गिरावट के साथ बंद हुए।
ग्लोबल गोल्ड डिमांड पर एक नज़र
जहां एक ओर शेयर बाज़ारों में फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) की खरीददारी हावी रही, वहीं दूसरी ओर 2026 की दूसरी तिमाही में ग्लोबल गोल्ड डिमांड में खास बदलाव नहीं आया। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (World Gold Council) के आंकड़ों के मुताबिक, इस तिमाही में सोने की कुल मांग 1,269 टन रही, जो पिछले साल की इसी अवधि के 1,268.6 टन के लगभग बराबर है।
विश्लेषकों का मानना है कि पिछली तिमाही की तेजी के बाद कीमतों में स्थिरता आने के कारण इस तिमाही में मांग सपाट रही। हालांकि, 2026 की पहली छमाही में कुल गोल्ड डिमांड 2,522 टन तक पहुंच गई, जो पिछले साल की तुलना में 2% ज्यादा है। इस अवधि में सोने की मांग का अनुमानित मूल्य 380 बिलियन USD रहा।
फिलहाल, बाजार का यह ट्रेंड फॉरेन कैपिटल के फ्लो और इंडेक्स-हैवी कंपनियों के प्रदर्शन के महत्व को दर्शाता है। निवेशक सोने की कीमतों और इक्विटी प्रदर्शन के बीच के संबंध पर भी नज़र रख सकते हैं, क्योंकि कमोडिटी की कीमतों में उतार-चढ़ाव खास सेक्टरों में सेंटीमेंट को प्रभावित कर सकता है।
