शुक्रवार को Sensex **828** अंकों की उछाल के साथ **77,569** पर बंद हुआ। दमदार कॉरपोरेट नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ने बाजार को सहारा दिया। अब निवेशक इस बात पर नजरें टिकाए हैं कि क्या यह तेजी जारी रहेगी और इस हफ्ते Sensex **78,000** के पार निकल पाएगा। बाजार की चाल फिलहाल जून तिमाही के नतीजों पर केंद्रित है।
भारतीय शेयर बाजार (Indian Equity Market) नए कारोबारी हफ्ते की शुरुआत तेजी के साथ करने के लिए तैयार है। शुक्रवार, 10 जुलाई को बेंचमार्क इंडेक्स ने शानदार प्रदर्शन किया। BSE Sensex ने 827.57 अंक यानी 1.08% की बढ़त के साथ 77,569.39 पर क्लोजिंग दी। वहीं, NSE Nifty 244.10 अंक चढ़कर 24,206.90 पर बंद हुआ।
इस तेजी की मुख्य वजह Reliance Industries, ICICI Bank और HDFC Bank जैसे दिग्गज शेयरों में जोरदार खरीदारी रही, साथ ही टेक्नोलॉजी सेक्टर में भी रिकवरी देखने को मिली।
नतीजों और मैक्रोइकॉनॉमिक ट्रिगर्स का असर
जून तिमाही (June Quarter) के नतीजों के सीजन से मिले सकारात्मक संकेतों ने बाजार की चाल को सहारा दिया है। Tata Consultancy Services (TCS) ने अपने नेट प्रॉफिट में बढ़ोतरी दर्ज की और मौजूदा तिमाही के लिए मांग को लेकर भरोसा जताया, जिससे IT सेक्टर के प्रदर्शन में अहम भूमिका निभाई।
कॉरपोरेट नतीजों के अलावा, ग्लोबल मैक्रोइकॉनॉमिक फैक्टर्स में स्थिरता और कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट ने निवेशकों को राहत दी है। कम कच्चे तेल की कीमतें (Crude Oil Prices) आमतौर पर भारत के ट्रेड बैलेंस के लिए फायदेमंद होती हैं और तेल आयात करने वाले सेक्टरों के लिए लागत संबंधी चिंताओं को कम करती हैं।
टेक्निकल आउटलुक और सपोर्ट लेवल
बाजार के जानकारों के लिए Sensex का 78,000 का स्तर एक महत्वपूर्ण रुचि का केंद्र बन गया है। बाजार के अवलोकन के अनुसार, 77,800 से 78,000 के ज़ोन में तत्काल रेजिस्टेंस (Resistance) की उम्मीद है। इस रेंज से ऊपर लगातार बढ़त 78,400–78,600 के स्तर की ओर और ऊपर जाने का संकेत दे सकती है।
नीचे की ओर, 77,200 से 77,300 का बैंड तत्काल सपोर्ट (Support) प्रदान करता है, जबकि 77,000 का स्तर एक मनोवैज्ञानिक रूप से महत्वपूर्ण फ्लोर के रूप में काम कर रहा है। वर्तमान रिकवरी ट्रेंड के लिए इन स्तरों को बनाए रखना महत्वपूर्ण माना जा रहा है, वहीं 77,000 से नीचे की गिरावट अल्पकालिक मूल्य एक्शन (Price Action) का पुनर्मूल्यांकन कर सकती है।
सेक्टर-वार प्रदर्शन (Sectoral Performance)
पिछले ट्रेडिंग सेशन में व्यापक भागीदारी देखी गई, जिसमें मिडकैप (Midcap) और स्मॉलकैप (Smallcap) सेगमेंट के इंडेक्स में क्रमशः 1.74% और 1.03% का लाभ दर्ज किया गया। रियलटी (Realty), PSU Banks और IT जैसे सेक्टरों में विशेष मजबूती दिखाई दी।
50-दिन के एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (50-day EMA) से ऊपर का मूव और रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) का 58 के आसपास बेहतर होना, यह दर्शाता है कि शॉर्ट-टर्म बुलिश मोमेंटम (Bullish Momentum) बन रहा है। जैसे-जैसे बाजार आने वाले सत्रों में आगे बढ़ेगा, निवेशकों के लिए मुख्य बात यह होगी कि क्या कॉरपोरेट प्रदर्शन मौजूदा वैल्यूएशन को सही ठहराना जारी रख सकता है और तत्काल रेजिस्टेंस स्तरों को पार करने के लिए आवश्यक उत्प्रेरक प्रदान कर सकता है।
