आज भारतीय शेयर बाज़ारों में शानदार तेज़ी देखने को मिली। सेंसेक्स (Sensex) और निफ्टी50 (Nifty50) 1% से ज़्यादा चढ़े, जबकि ग्लोबल कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी जारी रही। टेक्नोलॉजी और मेटल कंपनियों में ज़ोरदार खरीदारी के चलते बाज़ार को बल मिला। इन्वेस्टर्स का ध्यान डोमेस्टिक ग्रोथ पर शिफ्ट हुआ, जिससे इंडिया VIX (India VIX) में गिरावट आई।
IT और मेटल सेक्टर की तूफानी तेजी
आज भारतीय शेयर बाज़ार में रिकवरी का नज़ारा दिखा। BSE सेंसेक्स 888.68 अंक चढ़कर 77,654.60 पर बंद हुआ। वहीं, NSE निफ्टी50 (Nifty50) भी 264.85 अंक की तेज़ी के साथ 24,250.20 पर पहुंच गया। बाज़ार की इस व्यापक तेज़ी में 13 में से 16 सेक्टरल इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए, जो निवेशकों के बढ़ते आत्मविश्वास को दर्शाता है।
आईटी सेक्टर आज का स्टार परफॉर्मर रहा, निफ्टी आईटी इंडेक्स 2.32% की छलांग के साथ चौथे दिन भी ऊपर चढ़ा। Infosys के शेयर 4.50% उछले, जबकि TCS और HCLTech में क्रमशः 1.99% और 1.86% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। विश्लेषकों का मानना है कि फॉरेन इन्वेस्टर्स (Foreign Investors) विदेशी बाज़ारों में AI हार्डवेयर से पैसा निकालकर भारतीय टेक कंपनियों में निवेश कर रहे हैं।
मेटल सेक्टर भी पीछे नहीं रहा, निफ्टी मेटल इंडेक्स 2.31% चढ़ा। यह सेक्टर अक्सर इंडस्ट्रियल ग्रोथ का बैरोमीटर माना जाता है, और इसमें लगातार तेज़ी घरेलू मांग के प्रति निवेशकों के सकारात्मक रुझान को दिखाती है।
बाहरी दबावों के बीच मजबूती
ग्लोबल कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद बाज़ार ने मजबूत पकड़ बनाए रखी। जियोपॉलिटिकल तनावों के चलते ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) 4.23% बढ़कर $87.65 प्रति बैरल और WTI क्रूड (WTI Crude) 4.08% चढ़कर $82.49 पर पहुंच गया। आमतौर पर, तेल की बढ़ती कीमतें इंपोर्ट बिल बढ़ाकर भारतीय अर्थव्यवस्था पर दबाव डालती हैं। हालांकि, आज के दिन रुपये की मजबूती (0.2% की बढ़ोतरी के साथ 95.6475 प्रति US डॉलर) ने बाज़ार को सहारा दिया।
बाज़ार का सेंटिमेंट और वोलेटिलिटी
सिर्फ लार्ज-कैप स्टॉक्स ही नहीं, मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों में भी अच्छी खरीदारी हुई। निफ्टी मिडकैप 100 (Nifty Midcap 100) 0.82% और निफ्टी स्मॉलकैप 100 (Nifty Smallcap 100) 1.48% चढ़े। इंडिया VIX (India VIX), जो बाज़ार की वोलेटिलिटी (Volatility) को मापता है, 4.41% गिरकर 12.01 पर आ गया, जिससे पता चलता है कि निवेशकों में डर कम है।
आने वाले दिनों में US फेडरल रिजर्व (US Federal Reserve) के इंटरेस्ट रेट (Interest Rate) फैसलों पर बाज़ार की नज़र रहेगी, हालांकि जानकारों का मानना है कि बाज़ार पहले से ही रेट हाइक में ठहराव की उम्मीद कर चुका है।
अगले कुछ सत्रों में IT और मेटल स्टॉक्स की यह तेज़ी जारी रहती है या नहीं, यह देखना अहम होगा। इसके अलावा, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और इसका महंगाई (Inflation) व फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर (FII) फ्लोज़ पर असर भी नज़र रखी जाएगी।
