29 जुलाई को भारतीय शेयर बाज़ारों में जोरदार तेजी देखने को मिली। BSE Sensex **729** अंक चढ़कर **77,495** के स्तर पर खुला, वहीं NSE Nifty भी **205** अंक ऊपर **24,190** के पार ट्रेड कर रहा है। IT सेक्टर में **2.5%** की बढ़त इस तेज़ी की मुख्य वजह रही, जिसे विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की लगातार खरीदारी और अमेरिकी फेडरल रिजर्व से ब्याज दरों में स्थिरता की उम्मीदों का भी सहारा मिला।
बाज़ार में छाई रौनक, Sensex और Nifty नई ऊंचाइयों पर
29 जुलाई को भारतीय शेयर बाज़ारों ने शानदार शुरुआत की, जिससे निवेशकों के चेहरे खिल उठे। BSE Sensex 729.32 अंक की छलांग लगाकर 77,495.24 पर खुला, वहीं NSE Nifty में भी 205.25 अंकों की तेज़ी देखी गई और यह 24,190.60 के स्तर पर ट्रेड कर रहा है। बाज़ार में चौतरफ़ा खरीदारी का माहौल है, जहाँ 1,655 शेयरों में बढ़त दर्ज की गई जबकि 689 शेयरों में गिरावट आई, जो बाज़ार की व्यापक भागीदारी को दर्शाता है।
IT सेक्टर में लौटी जान, 8% की तूफानी तेज़ी
आज की इस तेज़ी के पीछे सबसे बड़ा हाथ सूचना प्रौद्योगिकी (IT) सेक्टर का रहा, जिसमें 2.5% का ज़बरदस्त उछाल आया। यह लगातार तीसरा दिन है जब IT शेयरों में तेज़ी देखने को मिली है, और पिछले तीन दिनों में यह सेक्टर कुल मिलाकर 8% से ज़्यादा चढ़ चुका है। निवेशकों की बढ़ती रुचि IT सर्विस कंपनियों की ओर लौटी है, जो पहले दबाव में थीं। यह रिकवरी ऐसे समय में आई है जब AI और सेमीकंडक्टर शेयरों को लेकर वैश्विक बाज़ारों में थोड़ी नरमी देखी जा रही है।
विदेशी निवेशकों (FIIs) का भरोसा कायम
बाज़ार की इस तेज़ी को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की लगातार खरीदारी का भी समर्थन मिल रहा है। मंगलवार को FIIs ने लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में नेट बायर रहे और लगभग ₹755 करोड़ के शेयर खरीदे। तकनीकी तौर पर, Nifty का 24,000 के स्तर से ऊपर मज़बूती से बने रहना बाज़ार के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है, जो निकट भविष्य में शेयर की कीमतों को और ऊपर ले जा सकता है।
वैश्विक संकेत और ब्याज दरों पर नज़र
अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति (monetary policy) घरेलू निवेशकों के फैसलों को प्रभावित कर रही है। बाज़ार की मौजूदा उम्मीदों के मुताबिक, फेडरल रिजर्व फिलहाल अपनी बेंचमार्क ब्याज दरों को मौजूदा स्तरों पर बनाए रखेगा। महंगाई को लेकर कुछ अधिकारियों की चिंताएं बनी हुई हैं, लेकिन उधार की लागत में स्थिरता की उम्मीद ने दुनिया भर के इक्विटी बाज़ारों को राहत दी है। निवेशक अब फेडरल रिजर्व की भविष्य की टिप्पणियों पर ध्यान देंगे, जो ब्याज दर नीतियों में संभावित बदलावों के समय पर और स्पष्टता प्रदान कर सकती हैं।
आगे चलकर, इस तेज़ी की मज़बूती इस बात पर निर्भर करेगी कि IT कंपनियां आने वाली तिमाहियों में अपनी ग्रोथ की गति बनाए रख पाती हैं या नहीं, और क्या विदेशी निवेशक अपनी खरीदारी जारी रखते हैं। इसके अलावा, प्रतिभागी Nifty की 24,000 के स्तर से ऊपर बने रहने की क्षमता पर भी कड़ी नज़र रखेंगे।
