सेंसेक्स 77,000 के पार, ऑटो और बैंकिंग स्टॉक्स की तूफानी तेजी, IT और मेटल में मुनाफावसूली

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
सेंसेक्स 77,000 के पार, ऑटो और बैंकिंग स्टॉक्स की तूफानी तेजी, IT और मेटल में मुनाफावसूली

आज यानी 25 जून को BSE सेंसेक्स **77,100** के स्तर पर बंद हुआ, जिसमें ऑटोमोबाइल और बैंकिंग स्टॉक्स जैसे State Bank of India और Mahindra & Mahindra में हुई खरीदारी ने अहम भूमिका निभाई। जहां लार्ज-कैप इंडेक्स मजबूत दिखे, वहीं मिडकैप और स्मॉलकैप में मुनाफावसूली (Profit-taking) देखने को मिली। निवेशक इस बात पर नजर रखे हुए हैं कि क्या इंडेक्स 77,800-78,000 के रेजिस्टेंस जोन को टेस्ट करने के लिए मौजूदा स्तरों को बनाए रख सकता है।

क्या हुआ आज?

25 जून को BSE सेंसेक्स ट्रेडिंग सेशन 77,100.47 अंकों पर समाप्त हुआ, जिसमें लगभग 109 अंकों या 0.14% की मामूली बढ़त दर्ज की गई। इस प्रदर्शन ने बेंचमार्क इंडेक्स को 77,000 के महत्वपूर्ण स्तर से ऊपर बनाए रखा। फिलहाल इंडेक्स कंसॉलिडेशन फेज (Consolidation Phase) में है, जिसका मतलब है कि यह किसी भी दिशा में अचानक तेज उछाल के बजाय हाल की रिकवरी के बाद एक स्थिर बेस बनाने की कोशिश कर रहा है। Nifty 50 ने भी इसी तरह का रुझान दिखाया और दिन का अंत 24,056 पर किया।

ऑटो और बैंकिंग ने संभाला मोर्चा

घरेलू बाजार पर केंद्रित सेक्टर्स बेंचमार्क इंडेक्स को मुख्य सहारा दे रहे हैं। ऑटोमोबाइल और बैंकिंग स्टॉक्स सकारात्मक सेंटिमेंट के पीछे मुख्य चालक थे। खास तौर पर, Mahindra & Mahindra और Maruti Suzuki में तेजी देखी गई, जो ऑटो सेगमेंट में लगातार मांग को दर्शाती है। बैंकिंग सेक्टर में, State Bank of India और ICICI Bank जैसे प्रमुख खिलाड़ियों ने इंडेक्स को स्थिर करने में मदद की। इसके अलावा, IndiGo की पैरेंट कंपनी InterGlobe Aviation में 4.82% की महत्वपूर्ण बढ़ोतरी दर्ज की गई। एविएशन सेक्टर में यह चाल अक्सर ग्लोबल क्रूड ऑयल की कीमतों से प्रभावित होती है, क्योंकि कम फ्यूल लागत एयरलाइनों के ऑपरेटिंग मार्जिन को बेहतर बनाने में मदद कर सकती है।

IT और मेटल स्टॉक्स का दबाव

घरेलू सेक्टर्स की मजबूती के बावजूद, टेक्नोलॉजी और मेटल स्टॉक्स में कमजोरी के कारण व्यापक ऊपरी गति सीमित रही। Tech Mahindra और Infosys जैसी कंपनियों ने मुनाफावसूली (Profit-taking) देखी, जहां ट्रेडर्स कीमतों में बढ़ोतरी के बाद लाभ को लॉक करने के लिए शेयर बेचते हैं। लार्ज-कैप IT स्टॉक्स में यह बिकवाली का दबाव, Power Grid और Bharti Airtel जैसे नामों में कमजोरी के साथ मिलकर, सेंसेक्स को बड़ी बढ़त हासिल करने से रोकने वाला एक हेडविंड (Headwind) साबित हुआ।

ब्रॉडर मार्केट का रुझान

लार्ज-कैप स्टॉक्स और बाकी बाजार के प्रदर्शन में एक उल्लेखनीय अंतर है। जहां सेंसेक्स मजबूत बना रहा, वहीं ब्रॉडर मार्केट्स संघर्ष करते दिखे। BSE MidCap Select इंडेक्स 0.55% और SmallCap Select इंडेक्स 0.37% नीचे गिरा। यह दर्शाता है कि मौजूदा बाजार की रुचि बड़ी, अधिक स्थिर कंपनियों पर केंद्रित है, जबकि छोटे स्टॉक्स में कूलिंग-ऑफ पीरियड (Cooling-off Period) या मुनाफावसूली देखी जा रही है।

निवेशकों को आगे क्या देखना चाहिए?

मार्केट अगले कदम को निर्धारित करने के लिए प्रमुख तकनीकी स्तरों पर बारीकी से नजर रख रहा है। विश्लेषकों ने 77,800 से 78,000 की रेंज को रेजिस्टेंस जोन (Resistance Zone) के रूप में पहचाना है, जो एक ऐसा स्तर है जहां बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है। नीचे की ओर, 76,200 से 76,400 की रेंज को सपोर्ट जोन (Support Zone) के रूप में देखा जाता है, जहां ऐतिहासिक रूप से खरीदारी की रुचि मजबूत रही है। निवेशक यह निगरानी कर सकते हैं कि क्या इंडेक्स सकारात्मक रुझान बनाए रखने के लिए 77,000 से ऊपर अपनी पकड़ बनाए रख सकता है।

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