शुक्रवार को BSE सेंसेक्स **77,763.91** पर बंद हुआ, जो लगातार तीसरे दिन की बढ़त का संकेत है। इस तेजी की मुख्य वजह आईटी (IT) सेक्टर में शानदार परफॉरमेंस रही, जबकि बाकी इंडेक्स में हल्की प्रॉफिट-बुकिंग देखने को मिली। अब निवेशकों की नज़रें जून तिमाही के नतीजों (Q1 Earnings) पर टिकी हैं, जो आगे की चाल तय करेंगी।
IT सेक्टर ने बढ़ाई बाज़ार की रफ्तार
भारतीय शेयर बाज़ारों ने हफ्ते का अंत मजबूती के साथ किया। शुक्रवार को BSE सेंसेक्स 261.79 अंक यानी 0.34% चढ़कर 77,763.91 पर बंद हुआ। वहीं, NSE निफ्टी में भी 95.15 अंक यानी 0.39% का उछाल आया और यह 24,270.85 पर बंद हुआ। दोनों ही बेंचमार्क इंडेक्स ने हफ्ते भर में 0.85% से ज़्यादा की बढ़त दर्ज की, जो पिछले हफ्तों की तुलना में निवेशकों के बढ़ते भरोसे को दिखाता है।
शुक्रवार की तेजी में सबसे बड़ा सहारा इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IT) सेक्टर से मिला। HCL Tech के शेयर 5.79% चढ़े, जबकि Tech Mahindra में 1.81% की बढ़त देखी गई। IT स्टॉक्स में इस खरीदारी का मुख्य कारण अमेरिका के लेबर मार्केट के आंकड़े थे, जिनसे ग्लोबल लेवल पर ऊंची ब्याज दरों के लंबे समय तक बने रहने की चिंता कम हुई है। IT के अलावा, हेल्थकेयर, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, मेटल और रियलिटी जैसे सेक्टर्स में भी खरीदारी हुई, जिसने PSU बैंक, पावर और यूटिलिटीज जैसे सेक्टर्स की कमजोरी को संभाला।
बाज़ार की चाल और टेक्निकल लेवल्स
जहां बड़े इंडेक्स मजबूती दिखा रहे थे, वहीं ब्रॉडर मार्केट में थोड़ी सावधानी दिखी। BSE मिडकैप सेलेक्ट और स्मॉलकैप सेलेक्ट इंडेक्स में बिकवाली का दबाव देखा गया, जो क्रमशः 0.46% और 0.33% गिरकर बंद हुए। यह दिखाता है कि जहां बड़े फंड्स लार्ज-कैप को सहारा दे रहे हैं, वहीं छोटे निवेशक ज़्यादा लेवल्स पर मुनाफावसूली कर रहे हैं। BSE पर 2,257 शेयरों में तेजी आई, जबकि 1,986 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई, जिससे बाज़ार की चौड़ाई मिली-जुली रही।
टेक्निकल एनालिस्ट्स फिलहाल सेंसेक्स के लिए 77,000 से 77,700 के लेवल को अहम सपोर्ट ज़ोन मान रहे हैं। डेली चार्ट पर इंडेक्स ने हायर-हाई (Higher-High) और हायर-लो (Higher-Low) पैटर्न दिखाया है, जो एक मजबूती का संकेत है। हालांकि, 78,150-78,200 के लेवल के पास मार्केट को रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ा, जहां प्रॉफिट-बुकिंग देखी गई। डेली RSI (Relative Strength Index), जो मोमेंटम मापता है, 60 के ऊपर बना हुआ है, जो बताता है कि भले ही इंडेक्स शॉर्ट-टर्म कंसॉलिडेशन में जाए, लेकिन ट्रेंड अभी भी पॉजिटिव है।
आगे Q1 नतीजों पर नज़र
अगले हफ्ते से निवेशकों का मुख्य फोकस जून तिमाही के नतीजों (Q1 Earnings) पर रहेगा। बाज़ार के प्रतिभागी यह देखने का इंतजार कर रहे हैं कि क्या कॉर्पोरेट कमाई मौजूदा वैल्यूएशन्स को सही ठहरा पाएगी, खासकर उन सेक्टर्स में जहां बड़ी तेजी आई है। कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता और मॉनसून का ग्रामीण मांग पर असर जैसे कारक भी सेंटीमेंट को प्रभावित करेंगे। निवेशकों को 77,700 के सपोर्ट लेवल के मुकाबले इंडेक्स की परफॉरमेंस पर नज़र रखनी चाहिए, क्योंकि इस लेवल के नीचे जाने पर और गिरावट आ सकती है, जबकि इसे बनाए रखने पर बाज़ार में रिकवरी आ सकती है।
