Sayaji Hotels (Indore) Limited ने Ujaas Energy Limited के साथ इन्सॉल्वेंसी एंड बैקרप्सी कोड (IBC) 2016 की धारा 9 के तहत दायर पिटीशन पर आपसी सहमति (mutual settlement) बना ली है। इस सेटलमेंट के बाद, कंपनी नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT), इंदौर बेंच से इस पिटीशन को वापस लेने के लिए आवेदन करेगी। यह डील कंपनी के लिए बेहद अहम है, क्योंकि इससे परिचालन (operations) पर मंडरा रहा एक बड़ा कानूनी संकट टल गया है।
यह मामला Ujaas Energy Limited द्वारा Sayaji Hotels (Indore) Limited पर लगभग ₹4.78 करोड़ (ब्याज सहित, जिसका सटीक आंकड़ा ₹4,77,92,108) के क्लेम को लेकर था। Sayaji Hotels (Indore) ने पहले ही यह साफ कर दिया था कि ₹47.8 करोड़ जैसे बढ़ा-चढ़ाकर बताए गए आंकड़े गलत थे। अब दोनों पक्ष एक फॉर्मल सेटलमेंट डीड (formal Settlement Deed) पर हस्ताक्षर करेंगे, जिसके बाद NCLT में पिटीशन की वापसी की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
इस लीगल पचड़े के खत्म होने से Sayaji Hotels (Indore) अब अपनी पूरी ऊर्जा और संसाधनों को अपने मुख्य बिजनेस - होटल संचालन (hotel operations) और भविष्य की विस्तार योजनाओं पर लगा पाएगी। कंपनी के शेयरधारकों (shareholders) के लिए भी यह स्पष्टता लाएगा कि कंपनी अब बिना किसी बड़े कानूनी बोझ के आगे बढ़ेगी।
बता दें कि Ujaas Energy Limited का भी अतीत में बड़ा कॉर्पोरेट इन्सॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) से गुजरने का इतिहास रहा है। यह IBC पिटीशन मूल रूप से 21 अगस्त, 2025 को इंटिमेट की गई थी। अब निवेशकों को NCLT, इंदौर बेंच द्वारा पिटीशन की अंतिम मंजूरी और कैंसिलेशन (dismissal) के आदेश का इंतजार करना होगा।