क्यों हुआ घाटा और मार्जिन में गिरावट?
Sapphire Foods India Limited ने 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त हुई तिमाही में ₹ 48.08 Mn का नेट लॉस रिपोर्ट किया है, जो पिछले साल इसी अवधि में हुए ₹ 127.32 Mn के मुनाफे से बिल्कुल उलट है। यह गिरावट तब आई जब कंपनी का रेवेन्यू 7% YoY बढ़कर ₹ 8,112 Mn हो गया। कंपनी के कंसोलिडेटेड EBITDA में 3% YoY की गिरावट दर्ज की गई, जो ₹ 1,360 Mn रहा, और EBITDA मार्जिन 170 bps घटकर 16.8% पर आ गया।
एडजस्टेड EBITDA भी 5% YoY गिरकर ₹ 774 Mn रहा, और मार्जिन 120 bps कम होकर 9.5% हो गया। इसके अलावा, लेबर कोड में बदलाव और मर्जर जैसी गतिविधियों से जुड़े ₹ 111.63 Mn के एक्सेप्शनल आइटम्स (exceptional items) ने भी मुनाफे पर दबाव डाला।
ब्रांड्स का प्रदर्शन: कहीं खुशी, कहीं गम
- KFC India कंपनी के लिए एक बड़ी उम्मीद बनकर उभरा है। इसने 11% YoY रेवेन्यू ग्रोथ और 1% सेम-स्टोर सेल्स ग्रोथ (SSSG) दर्ज की। KFC का रेस्टोरेंट EBITDA मार्जिन 60 bps सुधरकर 18.8% पर पहुंच गया, जिसका श्रेय बेहतर ग्रॉस मार्जिन और लागत नियंत्रण को जाता है। कंपनी ₹99/- वाले Krisper Chicken Burger Meal जैसे वैल्यू-फॉर-मनी प्रोडक्ट्स पर फोकस कर रही है और सालाना 60-80 नए स्टोर खोलने की योजना बना रही है।
- इसके विपरीत, Pizza Hut India का प्रदर्शन कमजोर रहा। रेवेन्यू में 11% YoY की गिरावट आई और SSSG में 12% की भारी कमी दर्ज की गई। रेस्टोरेंट EBITDA मार्जिन -3.1% (जो 780 bps YoY की गिरावट है) पर नकारात्मक हो गया। 2025 कैलेंडर वर्ष में कोई नया रेस्टोरेंट नहीं जोड़ा गया। कंपनी प्रोडक्ट इनोवेशन और वैल्यू ऑफर्स के जरिए प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए रणनीतियां बना रही है, हालांकि तमिलनाडु क्षेत्र में कुछ स्थिरता दिखी है।
- श्रीलंका का कारोबार लगातार ग्रोथ दिखा रहा है, जहां LKR (श्रीलंकाई रुपया) में रेवेन्यू 15% बढ़ा और SSSG 11% (LKR) रहा। हालांकि, श्रीलंका में रेस्टोरेंट EBITDA मार्जिन 110 bps घट गया, जिसका कारण न्यूनतम मजदूरी में बढ़ोतरी और चक्रवात से जुड़ी लागतें रहीं।
ऑपरेशनल विस्तार
Sapphire Foods ने Q3 FY26 में 31 नए रेस्टोरेंट जोड़े, जिनमें भारत में 27 KFC और 1 Pizza Hut, और श्रीलंका में 3 Pizza Hut आउटलेट शामिल हैं। इस विस्तार के बाद 31 दिसंबर, 2025 तक कंपनी के कुल रेस्टोरेंट की संख्या बढ़कर 1028 हो गई है।
नौ महीने का प्रदर्शन
31 दिसंबर, 2025 को समाप्त हुए नौ महीनों (9M FY26) में, रेवेन्यू 7% YoY बढ़कर ₹ 23,261 Mn रहा। हालांकि, एडजस्टेड EBITDA में 16% YoY की बड़ी गिरावट आकर ₹ 1,772 Mn पर आ गया। एक्सेप्शनल आइटम्स से पहले प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) में 56% YoY की भारी कमी के साथ यह ₹ 278 Mn दर्ज किया गया।
जोखिम और भविष्य का आकलन
कंपनी को मार्जिन में हो रही कमी, खासकर Pizza Hut के मामले में, जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। बढ़ती परिचालन लागतों, जैसे न्यूनतम मजदूरी में वृद्धि, को प्रभावी ढंग से प्रबंधित करना महत्वपूर्ण होगा। KFC की रणनीति और विस्तार योजनाएं सकारात्मक संकेत देती हैं, लेकिन Pizza Hut के टर्नअराउंड (turnaround) की राह अभी भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। निवेशक आने वाली तिमाहियों में वैल्यू-ड्रिवन रणनीतियों और विस्तार योजनाओं के असर पर बारीकी से नजर रखेंगे।