Hikal के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर के तौर पर Sameer Hiremath को नियुक्त कर दिया गया है। उन्हें शेयरधारकों की **52%** वोटिंग का समर्थन मिला है, लेकिन इस फैसले ने Hiremath और Kalyani परिवार के बीच चल रहे विवाद को और गहरा कर दिया है।
सत्ता का संघर्ष और वोटिंग का गणित
स्पेशलिटी केमिकल्स और फार्मा कंपनी Hikal में मैनेजमेंट का नया दौर शुरू हो गया है। शेयरहोल्डर वोटिंग में 52% मत Sameer Hiremath के पक्ष में पड़े, जबकि 48% शेयरधारकों ने इस नियुक्ति का विरोध किया। इस बदलाव के साथ ही जय Hiremath और सुगंधा Hiremath का कार्यकाल खत्म हो गया है।
क्यों बढ़ रही हैं निवेशकों की मुश्किलें?
यह विवाद अब कॉर्पोरेट गवर्नेंस की दहलीज पर खड़ा है। बाबा कल्याणी के नेतृत्व वाले कल्याणी ग्रुप ने इस नियुक्ति का कड़ा विरोध किया है। हैरान करने वाली बात यह है कि कल्याणी खेमे ने उन वित्तीय नतीजों (Financial Statements) के खिलाफ भी वोट किया, जिन्हें खुद कंपनी के बोर्ड ने मंजूरी दी थी। इस बोर्ड में बाबा कल्याणी के बेटे अमित कल्याणी भी शामिल हैं।
प्रोमोटर ग्रुप द्वारा अपने ही बोर्ड के फैसलों को चुनौती देने से कंपनी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल, मामला कोर्ट की निगरानी में मध्यस्थता (Mediation) के जरिए सुलझाने की कोशिश की जा रही थी, लेकिन ताजा घटनाक्रम संकेत दे रहे हैं कि यह रास्ता फिलहाल काफी कठिन है। निवेशकों के लिए कंपनी का अगला बोर्ड मीटिंग और मैनेजमेंट की स्थिरता पर आने वाला हर अपडेट अब बेहद महत्वपूर्ण हो गया है।
