Samajwadi Party ने उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की तीसरी सीट पर चुनाव लड़ने का प्लान वापस ले लिया है। पर्याप्त नंबर न होने के कारण पार्टी ने यह कदम उठाया है, जिससे अब सभी 10 सीटों पर चुनाव निर्विरोध होने का रास्ता साफ हो गया है।
उत्तर प्रदेश की सियासत में राज्यसभा चुनाव को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लग गया है। Samajwadi Party ने अपना तीसरा उम्मीदवार उतारने का फैसला वापस ले लिया है। नामांकन के आखिरी दिन इस कदम के साथ ही राज्य की सभी 10 रिक्त सीटों पर चुनाव निर्विरोध होने तय हो गए हैं। इस गणित के बाद Bharatiya Janata Party 8 सीटों पर, जबकि Samajwadi Party अपने खाते की 2 सीटों पर जीत हासिल करेगी।
सीटों का गणित
राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 37 वोटों की जरूरत होती है। Samajwadi Party और Congress के पास कुल 103 विधायक हैं, जो 2 सीटों के लिए तो पर्याप्त हैं, लेकिन तीसरी सीट के लिए जरूरी संख्याबल पार्टी के पास नहीं था। दूसरी तरफ, विधानसभा में BJP और उसके सहयोगियों के पास 288 विधायकों का भारी बहुमत है। Akhilesh Yadav के नेतृत्व वाली पार्टी ने यह समझ लिया था कि मौजूदा स्थिति में क्रॉस-वोटिंग के जरिए तीसरी सीट जीतना मुमकिन नहीं है।
चुनावी रणनीति का नया दांव
इस फैसले के पीछे पार्टी की एक सोची-समझी रणनीति दिख रही है। पार्टी ने जोखिम मोल लेने के बजाय उन 2 सीटों को सुरक्षित रखना बेहतर समझा जिन पर उनका बहुमत था। Akhilesh Yadav ने इसे एक रणनीतिक बदलाव बताया है। अब पार्टी का मुख्य फोकस राज्यसभा के बजाय 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव पर है, जहां कुल 403 सीटों के लिए मुकाबला होना है।
राज्यसभा चुनाव के निर्विरोध होने से यूपी में राजनीतिक सरगर्मी थोड़ी कम हुई है, जिससे विधानसभा का ध्यान अब वापस अपने नियमित विधायी कार्यों पर केंद्रित हो सकेगा।
