मध्य प्रदेश के सागर जिले में जहरीली शराब पीने से **11** लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है, जबकि दर्जनों लोग अस्पताल में भर्ती हैं। प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए **5** अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है और संदिग्ध दुकानों को सील कर दिया है।
मध्य प्रदेश के सागर जिले की बांदा तहसील में जहरीली शराब के सेवन से एक बड़ा हादसा हुआ है। 6 सितंबर, 2026 तक प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस घटना में 11 लोगों की जान चली गई है, जबकि 25 से 35 लोग अभी भी अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं। मेडिकल टीमें प्रभावितों की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
प्रशासनिक एक्शन और जांच
इस घटना के बाद सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए 5 अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है, जिनमें आबकारी विभाग के 3 और पुलिस के 2 अधिकारी शामिल हैं। इसके साथ ही, जिला प्रशासन ने 6 शराब की दुकानों को सील कर दिया है। शुरुआती जांच में इसके तार पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है, जिसे देखते हुए अवैध सप्लाई चेन को तोड़ने की कोशिशें तेज कर दी गई हैं।
राजनीतिक बयानबाजी और मुआवजे की मांग
विपक्ष के नेता उमंग सिंगार ने इस मामले में उच्च-स्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने पीड़ित परिवारों के लिए ₹25 लाख के मुआवजे और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग उठाई है। वहीं, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मामले की गहन जांच के आदेश दिए हैं और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। फिलहाल पूरा जोर पीड़ितों के इलाज और अवैध नेटवर्क के भंडाफोड़ पर है।
