Sadhguru की अपील: नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर फंसे 80 तीर्थयात्री, रेस्क्यू के लिए मांगी मदद

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AuthorAditya Rao|Published at:
Sadhguru की अपील: नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर फंसे 80 तीर्थयात्री, रेस्क्यू के लिए मांगी मदद

आध्यात्मिक गुरु Sadhguru ने भारत और चीन के अधिकारियों से नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर जाने की अनुमति मांगी है। Gyirong इमीग्रेशन सेंटर में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद से Isha Foundation के **80** तीर्थयात्री लापता हैं और इलाके में संचार व्यवस्था पूरी तरह ठप है।

आध्यात्मिक गुरु Sadhguru ने भारतीय, चीनी और अमेरिकी अधिकारियों से नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर तत्काल राजनयिक और भौतिक पहुंच की मांग की है। यह अपील उस समय आई है जब Gyirong इमीग्रेशन सेंटर के विनाशकारी बाढ़ में बह जाने के बाद से Isha Foundation के 80 तीर्थयात्रियों का कोई सुराग नहीं मिल पा रहा है।

घटना कैसे घटी?

ये तीर्थयात्री कैलाश मानसरोवर की यात्रा से लौट रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। जानकारी के अनुसार, बाढ़ ने क्षेत्र के मुख्य पुलों और परिवहन मार्गों को पूरी तरह तबाह कर दिया है, जिससे पहाड़ी इलाके में पहुंचना लगभग नामुमकिन हो गया है। संचार नेटवर्क के कट जाने के कारण लापता लोगों के बारे में कोई अपडेट नहीं मिल पा रहा है।

रेस्क्यू ऑपरेशन में मुख्य चुनौतियां

Sadhguru अभी तिब्बत के सागा में मौजूद हैं और डिप्लोमैटिक चैनलों के जरिए वहां तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। रेस्क्यू टीम के सामने सबसे बड़ी बाधा भौगोलिक है। खराब मौसम और टूटी हुई सड़कों ने आपदा प्रभावित क्षेत्र को दुनिया से काट दिया है। इसके अलावा, बॉर्डर का संवेदनशील इलाका होने के कारण भारत और चीन के बीच उच्च-स्तरीय समन्वय की जरूरत है।

मानवीय संकट की स्थिति

यह त्रासदी बॉर्डर पर फैले एक बड़े मानवीय संकट का हिस्सा है। ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस क्षेत्र में बाढ़ के कारण अब तक 150 से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं और सैकड़ों लोग अभी भी लापता हैं। फिलहाल, रेस्क्यू टीमों की प्राथमिकता संचार लाइनों को बहाल करने और फंसे हुए लोगों तक पहुंचने के रास्ते खोलने की है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.