एक बड़े फैसले में, असिस्टेंट कमांडेंट अमित सोनी ने अपनी सरकारी नौकरी छोड़कर IIM अहमदाबाद से MBA करने का निर्णय लिया है। इस कोर्स की कुल लागत ₹74 लाख है, जिसमें फीस, बॉन्ड और खोई हुई सैलरी शामिल है।
सरकारी नौकरी छोड़ MBA की ओर
सशस्त्र सीमा बल (SSB) में असिस्टेंट कमांडेंट के पद पर तैनात अमित सोनी ने अपने करियर में एक बड़ा मोड़ लिया है। उन्होंने सरकारी सेवा से इस्तीफा देकर देश के प्रतिष्ठित IIM अहमदाबाद से एग्जीक्यूटिव पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम (PGPX) करने का फैसला किया है। इस महत्वाकांक्षी कदम में कुल ₹74 लाख का भारी-भरकम निवेश शामिल है, जिसमें कोर्स की फीस, छोड़ने का बॉन्ड और खोई हुई सैलरी का हिसाब है।
₹74 लाख का पूरा हिसाब
इस एक साल के कोर्स की फीस ₹37.10 लाख है। इसके अलावा, इंटरनेशनल इम्मर्शन प्रोग्राम के लिए ₹4.5 लाख और रहने-खाने का खर्च लगभग ₹2.5 लाख अनुमानित है।
सरकारी नौकरी छोड़ने पर अमित सोनी को SSB को ₹9.80 लाख का बॉन्ड भी चुकाना पड़ा। यह उन पेशेवरों के लिए एक आम प्रक्रिया है जो अपनी सेवा अवधि पूरी करने से पहले सरकारी पद छोड़ते हैं।
अवसर की लागत (Opportunity Cost)
₹74 लाख के कुल खर्च का एक बड़ा हिस्सा सीधे भुगतान की गई राशि नहीं, बल्कि 'अवसर की लागत' यानी खोई हुई आय है। अमित सोनी ने अनुमान लगाया है कि इस एक साल के दौरान, वे लगभग ₹20 लाख की सैलरी, सरकारी भत्ते और अन्य लाभ खो देंगे। यह उन पेशेवरों के लिए एक महत्वपूर्ण सीख है जो इस तरह के करियर बदलाव पर विचार कर रहे हैं।
यह कदम सरकारी और कॉर्पोरेट क्षेत्र के अनुभवी पेशेवरों के बीच बढ़ते ट्रेंड को दिखाता है, जो विशेष प्रबंधन शिक्षा में भारी निवेश कर रहे हैं। हालांकि यह निवेश बहुत बड़ा है, लेकिन इन कार्यक्रमों में भाग लेने वाले अक्सर नए क्षेत्रों या उच्च प्रबंधन भूमिकाओं में जाने का लक्ष्य रखते हैं। यह व्यक्तिगत निर्णय इस बात पर प्रकाश डालता है कि टॉप-टियर संस्थानों से विशेष शिक्षा को कितना महत्व दिया जा रहा है।
