Southern Petrochemical Industries Corporation (SPIC) के लिए सितंबर 2026 तिमाही मिली-जुली रही। कंपनी का नेट प्रॉफिट **23%** घटकर **₹47 करोड़** रह गया है, जबकि रेवेन्यू में **22%** की बढ़त दर्ज की गई है।
मुनाफे पर क्यों पड़ा दबाव?
कंपनी ने सितंबर 2026 तिमाही में ₹999 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू हासिल किया, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 22% ज्यादा है। लेकिन, सेल्स में इस उछाल के बावजूद कंपनी का नेट प्रॉफिट 23% घटकर ₹47 करोड़ पर आ गया। इसका मुख्य कारण बढ़ती इनपुट कॉस्ट और चुनौतीपूर्ण मौसमी परिस्थितियां रहीं। फर्टिलाइजर सेक्टर में कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का सीधा असर मार्जिन पर पड़ा है। वहीं, देश में मानसून में 12.6% की कमी ने एग्रीकल्चरल डिमांड को भी प्रभावित किया, जिससे कारोबार पर अतिरिक्त दबाव बना।
प्रोडक्शन और ऑपरेशनल अपडेट
चुनौतियों के बावजूद SPIC का प्रोडक्शन जारी रहा। कंपनी ने तिमाही के दौरान 91 दिन तक अपने प्लांट चलाए। इस दौरान 1.89 लाख मीट्रिक टन यूरिया का उत्पादन हुआ और 1.96 लाख मीट्रिक टन की बिक्री दर्ज की गई। रबी सीजन को देखते हुए कंपनी पहले ही इन्वेंट्री तैयार करने की रणनीति पर काम कर रही है। फाइनेंशियल ईयर की पहली छमाही (H1) की बात करें, तो कंपनी का रेवेन्यू 16% बढ़कर ₹1,848 करोड़ रहा, जबकि नेट प्रॉफिट 16% की गिरावट के साथ ₹107 करोड़ दर्ज किया गया।
बोर्ड में बड़ा बदलाव
कॉर्पोरेट गवर्नेंस के मोर्चे पर, 4 नवंबर 2026 को हुई बोर्ड मीटिंग में डॉ. डी. कार्तिकेयन (Dr. D. Karthikeyan) को एडिशनल डायरेक्टर (नॉन-एक्जीक्यूटिव नॉमिनी) के तौर पर नियुक्त किया गया है। 1997 बैच के IAS अधिकारी और TIDCO के चेयरमैन, डॉ. कार्तिकेयन का अनुभव अब बोर्ड को नई दिशा देने में मदद करेगा। निवेशकों के लिए आगे कच्चा माल (Raw Material) की कीमतें, सरकारी सब्सिडी पॉलिसी और मानसून के बदलते पैटर्न पर नजर रखना जरूरी होगा।
