कंपनी की कमाई और मुनाफा रॉकेट पर
SMS Pharmaceuticals Limited ने 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हुई तीसरी तिमाही (Q3) और नौ महीने (9M) के लिए अपने शानदार वित्तीय नतीजे घोषित किए हैं। कंपनी ने वॉल्यूम ग्रोथ और ऑपरेशनल एफिशिएंसी के दम पर कई प्रमुख मेट्रिक्स में जबरदस्त साल-दर-साल (YoY) ग्रोथ दिखाई है।
तिमाही के मुख्य आंकड़े (Q3 FY26):
- रेवेन्यू (Revenue): ₹210.45 करोड़, जो YoY आधार पर 21% ज्यादा है।
- EBITDA: ₹43.65 करोड़, इसमें 31% की YoY बढ़ोतरी हुई।
- EBITDA मार्जिन: 21% रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 158 बेसिस पॉइंट्स (bps) का सुधार है।
- प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT): ₹23.47 करोड़, यह YoY आधार पर 29% बढ़ा है।
- PAT मार्जिन: 11% दर्ज किया गया, जो 63 bps ऊपर है।
- Earnings Per Share (EPS): ₹2.59 रहा, जो 20% की YoY ग्रोथ दर्शाता है।
नौ महीने के नतीजे (9M FY26):
- रेवेन्यू: ₹648.92 करोड़, YoY आधार पर 21% की ग्रोथ।
- EBITDA: ₹131.38 करोड़, YoY आधार पर 34% की ग्रोथ।
- EBITDA मार्जिन: 20%, इसमें 188 bps का सुधार।
- PAT: ₹69.27 करोड़, जो 42% की प्रभावशाली YoY ग्रोथ है।
- PAT मार्जिन: 11%, 154 bps का सुधार।
- EPS: ₹7.64, 32% की YoY ग्रोथ।
मार्जिन की मजबूती और रणनीतिक पहल
जहां एक ओर कंपनी ने मुनाफे में शानदार ग्रोथ दर्ज की है, वहीं ग्रॉस मार्जिन में थोड़ी नरमी दिखी है। Q3 FY26 में ग्रॉस मार्जिन 36% पर रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 313 bps कम है। हालांकि, मैनेजमेंट का कहना है कि Q1 FY26 में शुरू की गई बैकवर्ड इंटीग्रेशन (backward integration) परियोजना के कारण इसमें तिमाही-दर-तिमाही (QoQ) सुधार हुआ है। यह स्ट्रैटेजिक कदम कंपनी के मार्जिन को स्थिर रखने और खासकर US जैसे रेगुलेटेड मार्केट्स में अपनी प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण है। कंपनी ने वित्तीय वर्ष के लिए अपने 10 ड्रग मास्टर फाइल (DMF)/सर्टिफिकेट ऑफ सूटेबिलिटी (CEP) फाइलिंग के लक्ष्य को समय से पहले ही हासिल कर लिया है और अगले दो सालों में लगभग 20 फाइलिंग का लक्ष्य रखा है।
आगे की राह और जोखिम
ग्रॉस मार्जिन में साल-दर-साल (YoY) आई कमी मुख्य जोखिम है, हालांकि प्रबंधन का कहना है कि बैकवर्ड इंटीग्रेशन से इसमें सुधार आ रहा है। कंपनी ₹280 करोड़ के कैपेसिटी एक्सपेंशन (capacity expansion) पर भी काम कर रही है, जिसके FY27 तक पूरा होने की उम्मीद है। इस पर भी नजर रखनी होगी।
कुल मिलाकर, कंपनी का आउटलुक (outlook) काफी सकारात्मक है। मैनेजमेंट का अनुमान है कि FY26 में रेवेन्यू ग्रोथ करीब 20% रहेगी और EBITDA मार्जिन 20% से ऊपर बना रहेगा। बैकवर्ड इंटीग्रेशन से मिलने वाले फायदे, मजबूत R&D क्षमताएं, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, विविध प्रोडक्ट पोर्टफोलियो और प्रमुख APIs में कीमतों की स्थिरता कंपनी के विकास को बढ़ावा देंगे। 70 से अधिक देशों में फैले विस्तृत ग्राहक आधार के कारण कंपनी का भौगोलिक जोखिम भी कम हो जाता है।