SBI Funds Management 21 जुलाई 2026 को स्टॉक मार्केट में लिस्ट होने जा रही है। कंपनी का ₹9,813 करोड़ का IPO काफी सफल रहा, लेकिन निवेशकों की नजरें इस बात पर होंगी कि क्या यह हाल में लिस्ट हुई बड़ी IPOs की तरह शुरुआत में ही गिरावट का ट्रेंड तोड़ पाती है। इस इश्यू पर निवेशकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला, कुल बोलियां ₹2.98 लाख करोड़ के पार रहीं।
IPO के बाद अब लिस्टिंग का इंतजार
SBI Funds Management, भारत के एसेट मैनेजमेंट सेक्टर के लिए एक बड़ा कदम उठाते हुए, 21 जुलाई 2026 को शेयर बाजार में अपनी शुरुआत करने के लिए तैयार है। कंपनी ने ₹9,813 करोड़ का फंड जुटाया है, जो एक ऑफर फॉर सेल (Offer For Sale) था। इसमें मौजूदा शेयरधारकों, यानी स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (State Bank of India) और Amundi India Holding ने अपनी हिस्सेदारी बेची, बिना कोई नया शेयर जारी किए। अपर प्राइस बैंड ₹574 पर, कंपनी का वैल्यूएशन लगभग ₹1.17 लाख करोड़ आंका गया है।
निवेशकों की उम्मीदें और पिछला रिकॉर्ड
बाजार की निगाहें इस लिस्टिंग पर टिकी हैं, क्योंकि निवेशक यह देखना चाहते हैं कि क्या यह IPO हाल के उन बड़े पब्लिक इश्यूज के ट्रेंड को तोड़ पाएगा, जो लिस्टिंग के दिन कोई खास गेन नहीं दे पाए थे। पिछले अनुभवों को देखें तो LIC IPO (2022) और Hyundai Motor India (2024) जैसी बड़ी IPOs लिस्टिंग पर डिस्काउंट पर खुली थीं। हालांकि, इसी सेक्टर की एक और कंपनी, ICICI Prudential Asset Management, ने 2025 के अंत में लिस्टिंग पर 19.44% का शानदार गेन दर्ज किया था। अनऑफिशियल मार्केट (Grey Market Premium) के अनुसार, लिस्टिंग पर लगभग 16.2% का शुरुआती गेन मिल सकता है, पर यह मार्केट के उतार-चढ़ाव के अधीन होगा।
निवेशकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स
इस IPO को निवेशकों का भरपूर प्यार मिला। इश्यू साइज के मुकाबले कुल बोलियां ₹2.98 लाख करोड़ के आंकड़े को पार कर गईं। एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, IPO को कुल मिलाकर 41.66 गुना सब्सक्राइब किया गया। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) सबसे आगे रहे, जिन्होंने अपने हिस्से को 140.11 गुना सब्सक्राइब किया। रिटेल निवेशकों और नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स ने भी अच्छी दिलचस्पी दिखाई, जिनके हिस्से क्रमशः 3.59 गुना और 22.51 गुना बुक हुए। पब्लिक इश्यू से पहले, कंपनी ने 129 एंकर इन्वेस्टर्स से ₹2,663 करोड़ जुटाए थे, जिन्हें 20 गुना से ज्यादा की बोलियां मिली थीं।
भविष्य की परफॉरमेंस पर असर डालने वाले फैक्टर
एक एसेट मैनेजमेंट कंपनी के तौर पर, SBI Funds Management की परफॉरमेंस सीधे तौर पर भारतीय कैपिटल मार्केट्स की सेहत से जुड़ी हुई है। इसमें इक्विटी मार्केट में निवेश का फ्लो, इंटरेस्ट रेट साइकिल्स और म्यूचुअल फंड्स को लेकर निवेशकों का सेंटिमेंट शामिल है। लिस्टिंग के बाद, निवेशक इस बात पर नजर रखेंगे कि कंपनी अपनी एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) को कैसे बढ़ाती है और वित्तीय सेवा क्षेत्र के अन्य स्थापित खिलाड़ियों से मुकाबला कैसे करती है। भविष्य की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि कंपनी फीस को लेकर संवेदनशील माहौल में अपने प्रॉफिट मार्जिन को कैसे बनाए रखती है और म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री को प्रभावित करने वाले संभावित रेगुलेटरी बदलावों के साथ कैसे तालमेल बिठाती है।
