SBI Funds Management IPO: ₹9,900 करोड़ जुटाने की तैयारी! वैल्यूएशन में आई बड़ी कमी

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
SBI Funds Management IPO: ₹9,900 करोड़ जुटाने की तैयारी! वैल्यूएशन में आई बड़ी कमी

भारतीय एसेट मैनेजमेंट कंपनियों में शुमार, SBI Funds Management, 13 जुलाई 2026 के हफ्ते में अपना IPO लाने की तैयारी में है। कंपनी का लक्ष्य इस ऑफर के ज़रिए लगभग 1.2 बिलियन डॉलर यानी करीब ₹9,900 करोड़ जुटाना है।

क्या होने वाला है?

SBI Funds Management, जो देश की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनियों में से एक है, 13 जुलाई 2026 के हफ्ते में अपना इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) लॉन्च करने वाली है। इस IPO के ज़रिए कंपनी करीब 1.2 बिलियन डॉलर (लगभग ₹9,900 करोड़) जुटाने का प्लान बना रही है। ध्यान देने वाली बात यह है कि यह पूरा ऑफर 'ऑफर फॉर सेल' (Offer for Sale) के तहत होगा, जिसका मतलब है कि कंपनी को इस प्रक्रिया से कोई नया पैसा नहीं मिलेगा। बल्कि, मौजूदा शेयरहोल्डर ही अपने कुछ शेयर पब्लिक इन्वेस्टर्स को बेचेंगे। इसमें सरकारी बैंक State Bank of India (SBI) अपनी करीब 6.3% हिस्सेदारी बेचेगी, जबकि उनकी ज्वाइंट वेंचर पार्टनर Amundi SA अपनी लगभग 3.7% हिस्सेदारी बेच सकती है।

वैल्यूएशन और प्राइसिंग

कंपनी 1.15 ट्रिलियन से 1.20 ट्रिलियन रुपये के बीच वैल्यूएशन का लक्ष्य लेकर चल रही है, जो कि लगभग 12.1 बिलियन डॉलर से 12.6 बिलियन डॉलर के बराबर है। यह वैल्यूएशन पहले की उम्मीदों से थोड़ी कम है, जब यह 14 बिलियन डॉलर से 15 बिलियन डॉलर के बीच रहने का अनुमान था। ऐसा माना जा रहा है कि कंपनी इन्वेस्टर्स को आकर्षित करने के लिए थोड़ा सतर्क होकर प्राइसिंग कर रही है, क्योंकि बाजार में कई बड़े IPOs आने वाले हैं।

मार्केट में कैसी है स्थिति?

एसेट मैनेजमेंट सेक्टर में, यह वैल्यूएशन SBI Funds Management को मौजूदा लिस्टेड कंपनियों के बराबर ला खड़ा करता है। उदाहरण के लिए, HDFC Asset Management Co. का मार्केट वैल्यूएशन लगभग 12.4 बिलियन डॉलर है, वहीं ICICI Prudential Asset Management Co. का वैल्यूएशन करीब 17.7 बिलियन डॉलर है। अपने वैल्यूएशन को इन कंपनियों के आसपास रखकर, SBI Funds मैनेजमेंट अपनी मार्केट हिस्सेदारी और एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) के आधार पर निवेशकों का पैसा हासिल करने की कोशिश करेगी।

प्राइमरी मार्केट का नज़रिया

यह IPO ऐसे समय में आ रहा है जब 2026 की शुरुआत में थोड़ी धीमी गति के बाद भारतीय प्राइमरी मार्केट में तेज़ी आने की उम्मीद है। यह लिस्टिंग निवेशक के भरोसे का एक टेस्ट साबित होगी, क्योंकि Jio Platforms, National Stock Exchange of India, और Manipal Health Enterprises जैसी कई और बड़ी कंपनियां भी बाजार में आने की तैयारी कर रही हैं। इस IPO का प्रदर्शन अन्य बड़ी कंपनियों की लिस्टिंग पर भी असर डाल सकता है।

निवेशकों को क्या देखना चाहिए?

इन्वेस्टर्स को कंपनी के ऑफिशियल प्राइस बैंड और एंकर इन्वेस्टर पोर्शन की तारीखों पर ध्यान देना चाहिए। चूंकि यह एक ऑफर फॉर सेल है, इसलिए यह देखना ज़रूरी होगा कि मौजूदा प्रमोटर्स किस कीमत पर अपने शेयर बेच रहे हैं। इसके अलावा, निवेशकों को यह भी देखना चाहिए कि मैनेजमेंट बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच अपनी मार्केट हिस्सेदारी कैसे बनाए रखेगा, खासकर जब लोग पैसिव और कम लागत वाले इन्वेस्टमेंट प्रोडक्ट्स की ओर बढ़ रहे हैं।

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