SBI Funds Management के IPO में निवेशकों का जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। दूसरे दिन शाम तक यह इश्यू करीब 3 गुना सब्सक्राइब हो चुका है, जिसमें नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NIIs) का योगदान सबसे अहम रहा, जिन्होंने अपनी हिस्सेदारी 6.58 गुना सब्सक्राइब की। यह ₹9,812.91 करोड़ का ऑफर फॉर सेल (OFS) 16 जुलाई 2026 को बंद होगा।
IPO में निवेशकों का शानदार रुझान
SBI Funds Management के इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) में दूसरे दिन, यानी 15 जुलाई 2026 तक, बिडिंग लगभग 3 गुना सब्सक्राइब हो गई। इस इश्यू में सबसे ज्यादा दिलचस्पी नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NIIs) या हाई-नेट-वर्थ इंडिविजुअल्स (HNIs) ने दिखाई, जिनकी कैटेगरी 6.58 गुना बुक हुई। रिटेल इन्वेस्टर्स की हिस्सेदारी भी स्थिर रही और यह 1.61 गुना सब्सक्राइब हुई।
एंकर बुक से मिली मजबूती
जनता के लिए बोली खुलने से पहले, कंपनी ने ₹2,663 करोड़ की एक मजबूत एंकर बुक तैयार कर ली थी। इस एंकर पोर्शन में अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी, कैपिटल वर्ल्ड इन्वेस्टर्स, ब्लैक रॉक, फिडेलिटी और GIC जैसे बड़े ग्लोबल और डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल निवेशकों ने पैसा लगाया। LIC, HDFC म्यूचुअल फंड और ICICI प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड जैसे भारतीय दिग्गजों ने भी इसमें भाग लिया। IPO की शुरुआत में ऐसे बड़े निवेशकों की भागीदारी को अक्सर बाजार में वैल्यूएशन का एक महत्वपूर्ण संकेतक माना जाता है।
इश्यू का स्ट्रक्चर और फाइनेंशियल एंगल
यह पूरा इश्यू ₹9,812.91 करोड़ का है, जिसमें शेयर का प्राइस बैंड ₹545 से ₹574 प्रति शेयर रखा गया है। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि यह पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) है। इसका मतलब है कि इस इश्यू से जुटाई गई सारी रकम सीधे मौजूदा शेयरधारकों—स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और Amundi—को जाएगी, न कि कंपनी को बिज़नेस बढ़ाने या कर्ज चुकाने के लिए। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया अपनी 6.3% हिस्सेदारी बेच रहा है, जबकि Amundi 3.7% हिस्सेदारी ऑफलोड कर रहा है। प्री-IPO प्लेसमेंट से करीब ₹1,880 करोड़ जुटाने के बाद कुल इश्यू साइज को पहले की ₹11,693 करोड़ की योजना से घटाकर यह राशि तय की गई है।
मार्केट और सेक्टर का परिदृश्य
एक एसेट मैनेजमेंट कंपनी के तौर पर, SBI Funds Management ऐसे सेक्टर में काम करती है जहाँ प्रॉफिटेबिलिटी काफी हद तक मैनेज किए जा रहे कुल एसेट्स (AUM) और बाजार के प्रदर्शन पर निर्भर करती है। चूंकि यह IPO एक OFS है, इसलिए कंपनी की अपनी बैलेंस शीट में इस इवेंट से कोई नई पूंजी नहीं आएगी। निवेशक आमतौर पर ऐसे पब्लिक ऑफर्स की तुलना एसेट मैनेजमेंट इंडस्ट्री के स्थापित लिस्टेड साथियों से करते हैं, खासकर वैल्यूएशन मल्टीपल्स और मार्केट की अस्थिरता के बीच मार्जिन बनाए रखने की उनकी क्षमता के संबंध में। 16 जुलाई 2026 को बिडिंग समाप्त होने पर फाइनल सब्सक्रिप्शन डेटा और शेयर की कीमत का निर्धारण, स्टॉक के लिस्टिंग प्रदर्शन में रुचि रखने वालों के लिए अगला महत्वपूर्ण पहलू होगा।
