Ritabrata Banerjee के नेतृत्व वाले Democratic Trinamool Congress ने INDIA गठबंधन में शामिल होने का प्रस्ताव रखा है, लेकिन उन्होंने ममता बनर्जी गुट को गठबंधन से बाहर निकालने की शर्त जोड़ दी है। पार्टी में बंटवारे के बाद से ही चुनाव आयोग ने नाम और चुनाव चिह्न को फ्रीज कर रखा है, जिससे पश्चिम बंगाल की सियासत में हलचल तेज है।
पश्चिम बंगाल की राजनीति में चल रहे घमासान के बीच, Ritabrata Banerjee के Democratic Trinamool Congress (DTC) ने एक बड़ा दांव खेला है। उन्होंने INDIA गठबंधन में शामिल होने की इच्छा जताई है, लेकिन इसके लिए उन्होंने ममता बनर्जी के गुट को गठबंधन से बाहर करने की शर्त रखी है। यह कदम 2026 के विधानसभा चुनावों के बाद पार्टी में आई भारी दरार को और गहरा करता है।
चुनाव आयोग का फैसला और विवाद
वर्तमान में, Election Commission of India (ECI) ने मूल 'All India Trinamool Congress' का नाम और 'Flowers & Grass' चुनाव चिह्न दोनों गुटों के लिए फ्रीज (Freeze) कर दिया है। जब तक विवाद का निपटारा नहीं हो जाता, आयोग ने दोनों गुटों को अस्थाई पहचान दी है। यह कानूनी पेंच दोनों गुटों के लिए चुनावी तैयारियों में बड़ी बाधा बन रहा है।
फंड की किल्लत और अदालती रोक
प्रशासनिक और वित्तीय स्थिरता के नजरिए से स्थिति गंभीर बनी हुई है। सितंबर 2026 के अंत में, Supreme Court of India ने ममता बनर्जी के गुट की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने अपने 4 बैंक खातों को अनफ्रीज करने की मांग की थी। फंड्स तक पहुँच न होने से पार्टी के दैनिक संचालन और चुनावी खर्चों का प्रबंधन करना मुश्किल हो गया है।
अब आगे क्या?
सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को विवाद को 4 महीने की अवधि में सुलझाने का निर्देश दिया है। निवेशकों और राजनीतिक विश्लेषकों की नजर अब 6 अक्टूबर 2026 को होने वाले उपचुनावों पर है। इन नतीजों से यह तय होगा कि कौन सा धड़ा राष्ट्रीय स्तर पर अपना प्रभाव बनाए रख पाता है और अंततः पार्टी की कमान किसके पास रहती है।
