ऋषिकेश में रविवार को भारी बारिश के बीच एक दर्दनाक हादसा हुआ, जहां पानी भरे सड़क पर गिरे बिजली के तार की चपेट में आने से एक 32 वर्षीय महिला और उसकी दो साल की बेटी की मौत हो गई। इस घटना के बाद उत्तराखंड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPCL) हरकत में आ गया है। UPCL ने एक जूनियर इंजीनियर को सस्पेंड कर दिया है और पूरे राज्य में सुरक्षा जांच अभियान शुरू किया है। पुलिस ने बिजली कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ मामला भी दर्ज किया है, जबकि स्थानीय लोग बेहतर बुनियादी ढांचा सुरक्षा उपायों की मांग कर रहे हैं।
कैसे हुआ ये दर्दनाक हादसा?
उत्तराखंड के ऋषिकेश के खदरी ग्राम सभा इलाके में बिजली गिरने से एक दुखद घटना सामने आई है। रविवार, 16 अगस्त 2026 को, भारी बारिश के दौरान एक लो-टेंशन तार टूटकर पानी से भरी सड़क पर गिर गया। इसी तार की चपेट में आने से 32 वर्षीय सुमन जेठूड़ी और उनकी दो साल की बेटी की मौके पर ही मौत हो गई। गनीमत रही कि पीड़ित महिला के 12 साल के बेटे को मां ने खतरे की चेतावनी देकर बचा लिया।
नियामक और कानूनी कार्रवाई
इस घटना के तुरंत बाद, UPCL ने जूनियर इंजीनियर शंभू प्रसाद बहुगुणा को निलंबित कर दिया है। इसके अलावा, पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 106 (लापरवाही से मौत) के तहत कार्यकारी अभियंता, उप-मंडल अभियंता और निलंबित जूनियर इंजीनियर के खिलाफ मामला दर्ज किया है। यह मामला बिजली कंपनी पर अपने इलेक्ट्रिकल नेटवर्क के रखरखाव और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जवाबदेही का दबाव दिखाता है।
इंफ्रास्ट्रक्चर सुरक्षा पर सवाल
इस घटना ने क्षेत्र में इलेक्ट्रिकल इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय प्रतिनिधियों और निवासियों ने सार्वजनिक बिजली लाइनों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। वे विशेष रूप से भारी मौसम की घटनाओं के दौरान ऐसे हादसों को रोकने के लिए एरियल बंचिंग केबलों (Aerial Bunching Cables) को लगाने की वकालत कर रहे हैं।
पूरे राज्य में सुरक्षा अभियान
जनता के भारी दबाव के बाद, UPCL के प्रबंध निदेशक प्रकाश चंद्र ध्यानी ने एक आपातकालीन बैठक बुलाई। इसमें कंपनी के रखरखाव प्रोटोकॉल की समीक्षा की गई। UPCL ने दुर्घटना के विशिष्ट कारणों की जांच के लिए तीन-सदस्यीय समिति का गठन किया है, जो जल्द ही अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। इसके साथ ही, UPCL ने पूरे राज्य में एक सुरक्षा निरीक्षण और निवारक रखरखाव अभियान शुरू करने का आदेश दिया है। इस अभियान का मुख्य फोकस उन संवेदनशील स्थानों पर बिजली के बुनियादी ढांचे की जांच करना होगा, जैसे स्कूल, बाजार और सार्वजनिक मार्ग। जांच की प्रगति और सुरक्षा उपायों के कार्यान्वयन पर बारीकी से नजर रखी जाएगी।
