Remsons Industries की 'Remsons 2.0' के साथ नई उड़ान: शानदार तिमाही नतीजों के बीच ग्रोथ पर फोकस
मुंबई, भारत – 13 फरवरी 2026 – ऑटो कंपोनेंट सेक्टर की जानी-मानी कंपनी Remsons Industries Limited ने तीसरे क्वार्टर और नौ महीनों के मजबूत नतीजों के साथ ही अपनी महत्वाकांक्षी 'Remsons 2.0' ग्रोथ स्ट्रेटेजी का खुलासा किया है। कंपनी, जो पारंपरिक रूप से कंट्रोल केबल बनाती आई है, अब टेक्नोलॉजी-संचालित मोबिलिटी सॉल्यूशंस प्रोवाइडर बनने की दिशा में कदम बढ़ा रही है।
Q3 और 9M FY26 के वित्तीय आंकड़े
वित्तीय वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में, Remsons Industries ने अपने ऑपरेशंस से होने वाले कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 20% की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की, जो ₹123 करोड़ रहा। इस दौरान कंपनी का EBITDA मार्जिन 12% और PAT मार्जिन करीब 4% रहा। वहीं, वित्तीय वर्ष 2026 के पहले नौ महीनों में, कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹338 करोड़ तक पहुंच गया, जो कि पिछले साल के मुकाबले 25% की बड़ी ग्रोथ है। इस अवधि में EBITDA मार्जिन औसतन 11% और PAT मार्जिन 4% पर बना रहा।
'Remsons 2.0': ट्रांसफॉर्मेशन की नई कहानी
कंपनी के भविष्य की नींव उसकी 'Remsons 2.0' स्ट्रेटेजी है। यह पहल पारंपरिक कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग से आगे बढ़कर पूरी मोबिलिटी वैल्यू चेन में एक बड़ा बदलाव लाने का संकेत देती है। कंपनी का लक्ष्य है कि वह टेक्नोलॉजी और इनोवेशन का इस्तेमाल करके हाई-वैल्यू वाले प्रोडक्ट्स बनाए। इस स्ट्रेटेजी के तहत, नए जमाने के, टेक्नोलॉजी-आधारित बिजनेस से फाइनेंशियल ईयर 2029 तक 40% रेवेन्यू आने की उम्मीद है, जबकि मौजूदा बिजनेस से 60% रेवेन्यू आएगा।
'Remsons 2.0' के तहत मुख्य टारगेट हैं:
- रेवेन्यू लक्ष्य: फाइनेंशियल ईयर 2029 तक ₹900 करोड़ से ₹1,000 करोड़ का रेवेन्यू हासिल करना। फाइनेंशियल ईयर 2027 के लिए कंपनी का अनुमान ₹520 करोड़ से ₹570 करोड़ (अधिग्रहणों को छोड़कर) है।
- प्रॉफिटेबिलिटी में सुधार: अगले दो से तीन सालों में EBITDA मार्जिन को 13-14% तक बढ़ाने का लक्ष्य है, जो कि हाई-मार्जिन प्रोडक्ट्स पर फोकस और ऑपरेशनल एफिशिएंसी से संभव होगा।
- विविधीकरण: रेलवे, डिफेंस और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी जैसे नए सेक्टर्स में अपनी मौजूदगी मजबूत करना।
बड़े ऑर्डर्स और विस्तार
इस ग्रोथ को रफ्तार देने के लिए, Remsons Industries ने कई महत्वपूर्ण ऑर्डर्स हासिल किए हैं:
- एक बड़े भारतीय कमर्शियल व्हीकल OEM से गियर शिफ्टर्स और पुश-पुल केबल्स के लिए ₹60 करोड़ का ऑर्डर मिला है, जिसकी सप्लाई वित्तीय वर्ष 2027 की पहली तिमाही से शुरू होगी।
- नॉर्थ अमेरिका में Stellantis के साथ ₹300 करोड़+ के मल्टी-ईयर कॉन्ट्रैक्ट पर काम आगे बढ़ रहा है, जिसकी सप्लाई अगले फाइनेंशियल ईयर से शुरू होने की उम्मीद है।
- एक जर्मन OEM से BEE लाइटिंग के लिए ₹12 करोड़ का ऑर्डर मिला है, जो वर्तमान में प्रोसेस में है।
- एक अन्य जर्मन OEM से EGR सेंसर के लिए ₹3 करोड़ का ऑर्डर मिला है, जिसकी डिलीवरी दिसंबर 2025 से शुरू हो जाएगी।
कंपनी ने चakan में 30,000 वर्ग फुट की लोकोमोटिव मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी भी शुरू की है और भविष्य में क्षमता बढ़ाने के लिए NCR और पुणे क्षेत्रों में अतिरिक्त जमीन की तलाश कर रही है।
वित्तीय सेहत और भविष्य की राह
Remsons Industries की वित्तीय स्थिति मजबूत है, जहां नेट डेट-टू-इक्विटी रेश्यो 0.63x के आरामदायक स्तर पर है। कंपनी 0.6 से 0.8 के लीवरेज रेंज में काम करना चाहती है।
वर्तमान वित्तीय वर्ष (FY2026) के लिए कैपिटल एक्सपेंडिचर का अनुमान ₹20-26 करोड़ है, और वित्तीय वर्ष 2027 के लिए ₹20 करोड़ से अधिक का निवेश करने की योजना है। लंबी अवधि के रेवेन्यू लक्ष्यों को हासिल करने के लिए, करीब ₹100 करोड़ के निवेश का अनुमान है, जिसमें संभावित अधिग्रहणों (inorganic acquisitions) के लिए ₹150-200 करोड़ भी शामिल हैं।
इंडस्ट्री की स्थिति और प्रतिस्पर्धी परिदृश्य
भारतीय ऑटो एंसिलरी इंडस्ट्री इस समय बढ़िया डिमांड साइकिल से गुजर रही है, जिसमें मध्यम अवधि में 7% से 9% की ग्रोथ का अनुमान है। इसका मुख्य कारण प्रति वाहन कंपोनेंट कंटेंट में वृद्धि, इलेक्ट्रिफिकेशन ट्रेंड और सरकारी नीतियां हैं। Samvardhana Motherson, Uno Minda, और Bosch जैसी बड़ी कंपनियां भी इस उछाल का फायदा उठा रही हैं। Remsons का लक्ष्य टेक्नोलॉजी-संचालित प्रोडक्ट्स और एक्सपोर्ट फुटप्रिंट (जो कुल रेवेन्यू का 30-40% रखने की योजना है) पर ध्यान केंद्रित करके मार्केट शेयर हासिल करना है।
जोखिम और गवर्नेंस
कंपनी का ग्रोथ आउटलुक सकारात्मक है, लेकिन अतीत में रेगुलेटरी बॉडीज के साथ हुए कुछ मामलों पर ध्यान देना जरूरी है। Remsons Industries SEBI के लिस्टिंग ऑब्लिगेशन और डिस्क्लोजर रिक्वायरमेंट्स (LODR) नियमों की व्याख्या को लेकर स्टॉक एक्सचेंजों के खिलाफ अपीलों में शामिल रही है। हालांकि ये सीधे तौर पर धोखाधड़ी के लिए दंड नहीं थे, ये मजबूत गवर्नेंस अनुपालन की आवश्यकता को दर्शाते हैं। कंपनी का ऐतिहासिक डेट-टू-इक्विटी रेश्यो वित्तीय वर्ष 2020-21 में 1.8x से बढ़कर हाल के वर्षों में लगभग 0.6-0.69x हो गया है, जो एक मजबूत बैलेंस शीट का संकेत देता है। मैनेजमेंट का गाइडेंस ठोस लग रहा है, लेकिन 'Remsons 2.0' स्ट्रेटेजी का सफल एग्जीक्यूशन, विशेष रूप से अधिग्रहण और नए सेगमेंट में विस्तार, महत्वाकांक्षी लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण होगा।