धीरूभाई अंबानी की विरासत को आगे बढ़ाते हुए Reliance Industries अब अपने डिजिटल विंग Jio Platforms का **₹30,000 करोड़** का IPO लाने की तैयारी में है। हालांकि, कंपनी का शेयर इस साल **26%** तक टूट चुका है, जिससे निवेशकों में चिंता का माहौल है।
1977 का इतिहास दोहराने की तैयारी
धीरूभाई अंबानी ने 1977 में Reliance Textile Industries के जरिए जिस तरह से आम जनता को बाजार से जोड़ा था, आज उसी विरासत को आगे बढ़ाते हुए Reliance Industries Limited (RIL) अब Jio Platforms के साथ मैदान में है। कंपनी ₹10.3 लाख करोड़ के वैल्युएशन का लक्ष्य लेकर चल रही है और बहुत जल्द इसका रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) फाइल करने वाली है।
कारोबार का महा-विस्तार
Jio IPO भारतीय बाजार के सबसे प्रतीक्षित इवेंट्स में से एक है। कंपनी अपने डिजिटल बिजनेस को अलग कर निवेशकों को डेटा और टेक्नोलॉजी के बढ़ते सेक्टर में बड़ी हिस्सेदारी देना चाहती है। फाइनेंशियल ईयर 2026 में कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹11,75,919 करोड़ और सालाना EBITDA ₹207,911 करोड़ रहा है, जो इसके विशाल आकार को दर्शाता है।
क्यों दबाव में है शेयर?
IPO की चर्चाओं के बावजूद कंपनी के लिए स्थितियां चुनौतीपूर्ण बनी हुई हैं। साल 2026 में RIL का शेयर लगभग 26% गिर चुका है। इसकी सबसे बड़ी वजह Oil-to-Chemicals (O2C) सेगमेंट में मार्जिन का दबाव है। पिछले क्वार्टर में EBITDA मार्जिन में 200 बेसिस पॉइंट्स की कमी देखी गई है। इसके अलावा, हाल ही में कस्टम्स विभाग की तरफ से आया नोटिस और उस पर लगा जुर्माना भी निवेशकों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।
अब बाजार की नजरें IPO की तारीख और उसके प्राइसिंग पर टिकी हैं। क्या यह IPO कंपनी के कर्ज को कम करने में मदद करेगा और क्या O2C सेगमेंट अपना मार्जिन फिर से हासिल कर पाएगा, यह देखना काफी दिलचस्प होगा।
