Reliance Industries (RIL) ने अपनी 49वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में निवेशकों को बड़ी खुशखबरी दी है। कंपनी ने अपनी डिजिटल और टेलीकॉम इकाई Jio Platforms के IPO के लिए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) फाइल कर दिया है। इसके साथ ही, कंपनी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और टेक इंफ्रास्ट्रक्चर में **$110 बिलियन** (लगभग ₹9 लाख करोड़) के भारी-भरकम निवेश की घोषणा की है।
Jio IPO की ओर बड़ा कदम
Reliance Industries Limited (RIL) की 49वीं AGM में सबसे बड़ा ऐलान Jio Platforms के इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) को लेकर हुआ। कंपनी ने भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) के पास Jio Platforms के IPO के लिए DRHP जमा कर दिया है। यह कदम Jio को पब्लिक मार्केट में लिस्ट करने की प्रक्रिया की आधिकारिक शुरुआत है। इस IPO के जरिए कंपनी 270 मिलियन इक्विटी शेयर्स का फ्रेश इश्यू लाएगी, जिसका मतलब है कि जुटाई गई पूंजी सीधे कंपनी के बैलेंस शीट में जाएगी।
कर्ज घटाने पर फोकस
DRHP के अनुसार, Jio Platforms IPO से जुटाई गई रकम का लगभग ₹27,500 करोड़ का इस्तेमाल मौजूदा फॉरेन करेंसी डेट को चुकाने में करेगी। इससे कंपनी का कर्ज का बोझ कम होगा और पब्लिक लिस्टिंग से पहले उसकी वित्तीय स्थिति मजबूत होगी। मार्केट एनालिस्ट्स Jio की वैल्यूएशन $130 बिलियन से $180 बिलियन के बीच लगा रहे हैं, जो इसे भारत के सबसे बड़े IPO में से एक बना सकता है।
AI और टेक इंफ्रास्ट्रक्चर में $110 बिलियन का निवेश
Jio IPO के अलावा, AGM में Reliance ने AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा दांव लगाया है। कंपनी ने अगले सात सालों में $110 बिलियन (लगभग ₹9 लाख करोड़) के निवेश की पुष्टि की है। इस पैसे का इस्तेमाल गीगावाट-स्केल AI-रेडी डेटा सेंटर, ग्रीन एनर्जी क्षमता और एज कंप्यूटिंग नेटवर्क बनाने में होगा। कंपनी 2026 के अंत तक 120 MW AI कंप्यूट कैपेसिटी को जाम नगर में शुरू करने की योजना बना रही है। इसका लक्ष्य भारत के लिए एक 'सॉवरेन' AI बैकबोन तैयार करना है, जिससे विदेशी क्लाउड प्रोवाइडर्स पर निर्भरता कम हो सके।
वित्तीय नतीजे और बाजार की उम्मीदें
Reliance Industries ने फाइनेंशियल ईयर 26 (FY26) में लगभग ₹11.76 लाख करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू और ₹95,754 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। इसके बावजूद, 2026 के पहले हाफ में स्टॉक में कुछ दबाव देखा गया है। AGM के बाद बाजार की नजर इस बात पर है कि क्या इन घोषणाओं से निवेशकों को निकट भविष्य के लिए पर्याप्त स्पष्टता मिली है। AI पर बड़ा खर्च कैपिटल इंटेंसिटी और खर्च के 'बैक-लोडेड' नेचर को लेकर सवाल खड़े करता है, क्योंकि भारी निर्माण लागत राजस्व से कई साल पहले आ सकती है।
निवेशकों के लिए आगे क्या?
निवेशकों को अब SEBI की ओर से IPO अप्रूवल प्रक्रिया, वैल्यूएशन और प्राइसिंग पर प्रतिक्रिया पर नजर रखनी होगी। साथ ही, $110 बिलियन के AI इंफ्रास्ट्रक्चर रोलआउट की गति भी महत्वपूर्ण होगी। जाम नगर डेटा सेंटर का समय पर चालू होना एक बड़ा संकेत होगा। इसके अलावा, कंपनी का मुख्य ऑयल-टू-केमिकल्स (O2C) सेगमेंट अभी भी ग्लोबल क्रूड ऑयल की कीमतों और भू-राजनीतिक स्थितियों के प्रति संवेदनशील रहेगा, जो डिजिटल और एनर्जी ट्रांजिशन प्रोजेक्ट्स के लिए कंपनी की फंडिंग क्षमता को प्रभावित कर सकता है।
