Reliance Foundation और Bill & Melinda Gates Foundation मिलकर एक ऐसी पहल शुरू कर रहे हैं, जिसके तहत **₹25.84 करोड़** की राशि छह NGOs को दी जाएगी। इसका मकसद भारत में **10 लाख** महिलाओं के लिए डिजिटल दुनिया के दरवाजे खोलना है, खासकर ग्रामीण इलाकों में जहाँ तकनीक की पहुँच कम है।
ग्रामीण भारत में डिजिटल समाधानों को बढ़ावा
यह प्रोजेक्ट खासतौर पर उन छोटे पायलट प्रोजेक्ट्स को बड़े स्तर पर लागू करने के लिए बनाया गया है, जिन्होंने अपनी क्षमता साबित की है। शुरुआती चरण में चुनी गई छह संस्थाएं, जिनमें PCI India, M.S. Swaminathan Research Foundation, और Myna Mahila Foundation जैसी प्रमुख संस्थाएं शामिल हैं, महिलाओं के सेल्फ-हेल्प ग्रुप्स के लिए डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने, हेल्थकेयर डिलीवरी को बेहतर बनाने के लिए चैटबॉट प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करने और तटीय मछुआरा महिलाओं के लिए विशेष टेक्नोलॉजी सेवाएँ देने जैसे कामों पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं। क्षेत्रीय भाषाओं और AI-आधारित टूल्स पर जोर देकर, इस पहल का लक्ष्य उन भाषा और तकनीकी बाधाओं को दूर करना है जो अक्सर ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल अपनाने में रुकावट बनती हैं।
एक्सेलेरेटर प्रोग्राम और भविष्य की फंडिंग
सीधे वित्तीय सहायता के अलावा, यह प्रोग्राम 'SheConnects' नाम से एक एक्सेलेरेटर भी चला रहा है, जो तकनीकी सहायता, क्षमता निर्माण और निगरानी सेवाएँ प्रदान करता है। GSMA Foundation भी प्रोजेक्ट को लागू करने और डेटा जुटाने में मदद करने के लिए इसमें शामिल है। सबूत-आधारित नतीजों पर ध्यान केंद्रित करने से भागीदारों को इन मॉडलों को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी ताकि इन्हें अन्य क्षेत्रों या विश्व स्तर पर भी दोहराया जा सके।
कार्यक्रम ने अब फंडिंग के दूसरे दौर के लिए आवेदन खोल दिए हैं। स्केल-अप के लिए तैयार प्रोजेक्ट वाली संस्थाएं प्रति प्रोजेक्ट ₹4.2 करोड़ तक के ग्रांट के लिए आवेदन कर सकती हैं। निवेशकों और पर्यवेक्षकों के लिए, मुख्य निगरानी यह होगी कि ये संस्थाएँ पायलट कार्यक्रमों से बड़े पैमाने पर स्थायी संचालन में कितनी सफलतापूर्वक परिवर्तित होती हैं, साथ ही इन डिजिटल सेवाओं का लक्षित समुदायों की आय और स्वास्थ्य परिणामों पर क्या दीर्घकालिक प्रभाव पड़ता है।
