Ride-hailing कंपनी Rapido ने साफ किया है कि एक्टर Tiger Shroff पर हुए हमले के मामले में गिरफ्तार संदिग्ध उनका एक रजिस्टर्ड राइडर था, हालांकि घटना के वक्त वह इनएक्टिव था। इस घटना ने गिग इकोनॉमी में सुरक्षा प्रोटोकॉल और वेरिफिकेशन पर बहस छेड़ दी है।
मुंबई के जुहू इलाके में 18 अक्टूबर को हुई फायरिंग की घटना के बाद, ride-hailing प्लेटफॉर्म Rapido ने एक औपचारिक बयान जारी किया है। राजस्थान के कोटा से पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए तीन संदिग्धों में से एक, ऋतिक कुमार, Rapido का 'कैप्टन' (राइडर) था। कंपनी ने स्पष्ट किया कि आरोपी पिछले 4 दिनों से प्लेटफॉर्म पर इनएक्टिव था और घटना के समय वह कोई सर्विस नहीं दे रहा था।\n\nइस दुखद घटना में एक्टर Tiger Shroff के ड्राइवर और एक ऑटो ड्राइवर घायल हो गए थे। पुलिस ने तेजी दिखाते हुए तीनों आरोपियों को 19 अक्टूबर को पुणे-जयपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस से गिरफ्तार कर लिया है। अंधेरी इलाके से उस मोटरसाइकिल को भी बरामद किया गया है जिसका इस्तेमाल अपराध में किया गया था।\n\n### निवेशकों के लिए जोखिम और संकेत\n\nनिवेशकों और मार्केट के जानकारों के लिए यह घटना गिग इकोनॉमी के 'ऑपरेशनल और रिप्यूटेशनल रिस्क' की ओर इशारा करती है। हालांकि Rapido एक प्राइवेट कंपनी है, लेकिन पूरा सेक्टर लगातार सरकार की निगरानी में रहता है। किसी भी आपराधिक मामले से जुड़ाव कंपनियों के लिए कड़ी रेगुलेटरी कार्रवाई और कंप्लायंस के खर्च को बढ़ाने का सबब बन सकता है।\n\nगिग प्लेटफॉर्म्स के लिए चुनौती यह है कि वे तेजी से विस्तार कैसे करें और साथ ही सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कैसे रखें। अब मार्केट की नजर इस बात पर है कि क्या महाराष्ट्र सरकार या अन्य रेगुलेटरी बॉडीज वर्कर वेरिफिकेशन और सिक्योरिटी प्रोटोकॉल को लेकर कोई नए सख्त नियम लेकर आती हैं।
