राम मंदिर ट्रस्ट: बड़े घोटाले के बाद CEO की तलाश तेज, 18 नामों पर गिरी तलवार

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AuthorMehul Desai|Published at:
राम मंदिर ट्रस्ट: बड़े घोटाले के बाद CEO की तलाश तेज, 18 नामों पर गिरी तलवार

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के पद के लिए **5,300** से अधिक आवेदकों में से **18** उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया है। यह नियुक्ति हाल ही में हुए एक गबन कांड के बाद हो रही है, जिसकी वजह से पुलिस जांच और गिरफ्तारियां भी हुईं। ट्रस्ट इस नए पद के ज़रिए मंदिर के संचालन में प्रशासनिक पकड़ को मज़बूत करना चाहता है।

बड़े घपले के बाद ट्रस्ट में नए लीडर की तलाश

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट अपनी प्रबंधन व्यवस्था को मज़बूत करने के लिए एक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति करने जा रहा है। ट्रस्ट ने 5,300 से ज़्यादा आवेदन आने के बाद 18 उम्मीदवारों को इस पद के लिए शॉर्टलिस्ट किया है। इन उम्मीदवारों के इंटरव्यू 11 और 12 अगस्त, 2026 को मंदिर परिसर में ही होंगे।

क्या है पूरा मामला?

ट्रस्ट में यह बड़े फेरबदल जून 2026 में दान के गबन के आरोपों के बाद हो रहा है। इन आरोपों की जांच के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था। 25 जून को एक एफआईआर (FIR) दर्ज की गई, जिसके चलते 8 लोगों को पैसों के गलत इस्तेमाल के आरोप में गिरफ्तार किया गया। जांच के दौरान, अधिकारियों ने कैश, सोना, चांदी और विदेशी मुद्रा भी बरामद की थी।

क्यों हो रही है यह नियुक्ति?

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट एक प्राइवेट, स्वतंत्र संगठन है, कोई पब्लिक लिस्टेड कंपनी नहीं। इसलिए, यह स्टॉक मार्केट फाइलिंग या वित्तीय नतीजे जारी नहीं करता। ऐसे में, CEO की नियुक्ति पूरी तरह से आंतरिक प्रबंधन से जुड़ा मामला है, न कि शेयरधारकों के निरीक्षण से। ट्रस्ट के लिए यह कदम हालिया वित्तीय कुप्रबंधन की रिपोर्टों के बाद विश्वास बहाल करने और ऑपरेशनल गैप्स को भरने के लिए ज़रूरी माना जा रहा है।

CEO के लिए क्या हैं शर्तें?

ट्रस्ट ने CEO पद के लिए कुछ खास शर्तें रखी हैं। उम्मीदवार को एक 'प्रैक्टिसिंग हिन्दू' होना चाहिए, हिन्दू परंपराओं का पालन करना चाहिए, पूरी तरह से शराब से दूर रहना चाहिए और शुद्ध शाकाहारी होना चाहिए। साथ ही, उम्मीदवार की उम्र 50 से 70 साल के बीच होनी चाहिए। नए CEO पर मंदिर और इससे जुड़ी गतिविधियों के रोज़ाना के प्रशासन की ज़िम्मेदारी होगी।

आगे क्या?

इस हफ़्ते होने वाले इंटरव्यू, ट्रस्ट के औपचारिक नेतृत्व ढांचा स्थापित करने के प्रयासों में एक अहम कदम हैं। सभी की निगाहें अंतिम चयन पर होंगी और यह देखा जाएगा कि नया नेतृत्व भविष्य में ऐसी गवर्नेंस समस्याओं को रोकने के लिए कितने सख्त वित्तीय नियंत्रण और ऑपरेशनल पारदर्शिता लागू कर पाता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.