Rakesh Gangwal का IIT Kanpur को बड़ा तोहफा! मेडिकल स्कूल के लिए दिए ₹300 करोड़ और

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Rakesh Gangwal का IIT Kanpur को बड़ा तोहफा! मेडिकल स्कूल के लिए दिए ₹300 करोड़ और

इंडिगो (IndiGo) के सह-संस्थापक राकेश गंगवाल ने आईआईटी कानपुर (IIT Kanpur) में गंगवाल स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी के लिए ₹300 करोड़ का अतिरिक्त डोनेशन देने का ऐलान किया है। इस डोनेशन के साथ, उनका कुल सहयोग बढ़कर ₹400 करोड़ हो गया है। इस पैसे का इस्तेमाल एक सुपर-स्पेशियलिटी हॉस्पिटल और कैंसर रिसर्च सेंटर बनाने में किया जाएगा।

मेडिकल हब बनाने की तैयारी

इंडिगो (IndiGo) के को-फाउंडर राकेश गंगवाल ने आईआईटी कानपुर (IIT Kanpur) स्थित गंगवाल स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी के लिए 300 करोड़ रुपये का एक और बड़ा डोनेशन देने का वादा किया है। यह नया डोनेशन, जो दूसरे डोनर्स को भी प्रोत्साहित करने के लिए एक मैचिंग ग्रांट के तौर पर दिया गया है, अब तक इस संस्थान को उनकी ओर से कुल 400 करोड़ रुपये का सपोर्ट हो गया है। इस प्रोजेक्ट का लक्ष्य एक ऐसा मेडिकल हब तैयार करना है जहां रिसर्च और क्लिनिकल प्रैक्टिस को एक साथ जोड़ा जा सके।

हॉस्पिटल और कैंसर रिसर्च सेंटर का प्लान

यह पैसा आईआईटी कैंपस में एक विस्तृत हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण पर खर्च किया जाएगा। प्लान में 500 बेड का एक सुपर-स्पेशियलिटी हॉस्पिटल और कैंसर की देखभाल और रिसर्च के लिए 200 बेड का एक समर्पित सेंटर शामिल है। इसका मकसद इंजीनियरिंग, टेक्नोलॉजी और मेडिकल साइंस को मिलाकर इस क्षेत्र, खासकर उत्तर प्रदेश में, स्वास्थ्य सेवाओं की महत्वपूर्ण कमियों को दूर करना है।

निवेशक क्या देख रहे हैं?

हालांकि यह डोनेशन राकेश गंगवाल का अपना एक फिलैंथ्रोपिक (philanthropic) कदम है, लेकिन यह ऐसे समय में आया है जब मार्केट एक्सपर्ट्स गंगवाल परिवार के इंटरग्लोब एविएशन (InterGlobe Aviation), जो इंडिगो एयरलाइंस का संचालन करती है, से धीरे-धीरे अलग होने पर नजर रखे हुए हैं। साल 2022 में कंपनी के बोर्ड से इस्तीफा देने के बाद से राकेश गंगवाल लगातार अपनी हिस्सेदारी बेच रहे हैं।

इंटरग्लोब एविएशन के निवेशकों के लिए, कंपनी ने हाल ही में एक मुश्किल दौर का सामना किया है। 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर में, एयरलाइन ने 2,393.6 करोड़ रुपये का नेट लॉस दर्ज किया। भारतीय एविएशन सेक्टर लगातार कई दबावों का सामना कर रहा है, जैसे एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में उतार-चढ़ाव, विमान लीज की लागत पर असर डालने वाली करेंसी की अस्थिरता और अत्यधिक प्रतिस्पर्धी माहौल। यह ध्यान देने वाली बात है कि आईआईटी कानपुर को दिया गया डोनेशन कंपनी के फंड से नहीं है, लेकिन बड़े स्टेकहोल्डर्स (stakeholders) की गतिविधियों पर निवेशक अक्सर नजर रखते हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.