राजस्थान में ₹10 लाख की ठगी! 'डिजिटल अरेस्ट' स्कैम का शिकार हुआ शख्स, पुलिस ने ऐसे बचाया

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
राजस्थान में ₹10 लाख की ठगी! 'डिजिटल अरेस्ट' स्कैम का शिकार हुआ शख्स, पुलिस ने ऐसे बचाया

राजस्थान के खैरथल-तिजारा जिले के एक निवासी को एक जालसाज ने दिल्ली पुलिस का अधिकारी बनकर **₹10 लाख** की ठगी का शिकार बनाया। 'डिजिटल अरेस्ट' स्कीम का शिकार हुए पीड़ित को स्थानीय पुलिस ने और नुकसान से बचा लिया।

'डिजिटल अरेस्ट' स्कैम का ताना-बाना

राजस्थान के खैरथल-तिजारा जिले के मुंडावर के रहने वाले एक व्यक्ति, देशराम, 'डिजिटल अरेस्ट' स्कैम का शिकार हो गए। एक जालसाज ने खुद को दिल्ली पुलिस का IPS अधिकारी 'सुनील कुमार गौतम' बताकर उन्हें फोन पर डराया-धमकाया। जालसाज ने दावा किया कि पीड़ित के आधार डिटेल्स का इस्तेमाल ₹6.80 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग केस में एक फर्जी बैंक अकाउंट खोलने के लिए किया गया है।

डर का फायदा उठाकर मांगे पैसे

धमकी भरे फोन कॉल में जालसाज ने पीड़ित को तुरंत गिरफ्तारी और तीन साल की जेल की सजा की बात कही। डर के मारे, 11 अगस्त को पीड़ित ने RTGS के जरिए अपने बैंक खाते से ₹10 लाख ट्रांसफर कर दिए। जालसाजों ने यहीं नहीं रुके और और पैसों की मांग जारी रखी, जिसके चलते पीड़ित अपनी ₹15 लाख से ₹20 लाख की पारिवारिक ज्वैलरी बेचने की कगार पर था।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई

जैसे ही इस घटना की जानकारी स्थानीय पुलिस को मिली, मुंडावर थाना अधिकारी मोहन सिंह मीणा और उनकी टीम हरकत में आई। पुलिस ने पीड़ित को सही समय पर ढूंढ निकाला और आगे होने वाले बड़े वित्तीय नुकसान को रोक दिया। पीड़ित को समझाया गया और उसकी ज्वैलरी को भी सुरक्षित कर लिया गया। पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और जालसाजों के बैंक खातों का पता लगाने के लिए जांच जारी है।

'डिजिटल अरेस्ट' स्कैम से ऐसे रहें सावधान

यह घटना 'डिजिटल अरेस्ट' के बढ़ते खतरे की ओर इशारा करती है। इन स्कैम में, अपराधी वीडियो कॉल का इस्तेमाल करके पीड़ित को घंटों तक ऑनलाइन रखते हैं, डराते हैं और असली जेल जाने से बचाने के बहाने पैसे ऐंठते हैं। वे फर्जी दस्तावेज, पुलिस की वर्दी और ऑफिस जैसे दिखने वाले बैकग्राउंड का इस्तेमाल करके भरोसा जीतने की कोशिश करते हैं।

यह याद रखना बहुत जरूरी है कि पुलिस या कोई भी सरकारी एजेंसी कभी भी वीडियो कॉल पर जांच, पैसों की मांग या गिरफ्तारी नहीं करती। अगर आपको ऐसी कोई धमकी भरी कॉल आती है, तो तुरंत फोन काट दें, शांत रहें और नजदीकी पुलिस स्टेशन से संपर्क करें या नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.