राजस्थान के डीग जिले में एक मदरसे में सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान एक 17 वर्षीय छात्र की मौत हो गई और 12 अन्य घायल हो गए। पुलिस ने सुरक्षा लापरवाही और पर्यवेक्षण की कमी की जांच के लिए मामला दर्ज किया है।
राजस्थान में दर्दनाक हादसा
राजस्थान के डीग जिले में स्थित एक मदरसे में एक बेहद दुखद हादसा हुआ है। संस्थान के हॉस्टल में रहने वाले 13 छात्रों को कथित तौर पर एक अनुपयोगी सेप्टिक टैंक की सफाई का काम सौंपा गया था। इस दौरान, एक लकड़ी का सीढ़ी टूट गया, जिससे सभी छात्र टैंक में गिर गए। इस हादसे में एक 17 वर्षीय छात्र की मौत हो गई, जबकि 12 अन्य छात्र घायल हो गए।
घटना का विवरण
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, छात्र टैंक की सफाई के लिए सीढ़ी का इस्तेमाल कर रहे थे। इसी बीच सीढ़ी टूट गई और सभी छात्र टैंक में जमा हुए कचरे और पानी में जा गिरे। तत्काल मौके पर आपातकालीन सेवाएं बुलाई गईं और सभी 13 छात्रों, जिनकी उम्र 15 से 18 साल के बीच थी, को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। हरियाणा निवासी 17 वर्षीय छात्र रोहिन को मृत घोषित कर दिया गया।
पुलिस जांच और घायलों की स्थिति
जिला पुलिस अधीक्षक, काम्बले शरण गोपीनाथ ने पुष्टि की है कि लापरवाही के आरोपों के आधार पर एक औपचारिक मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारी घटना की विशेष परिस्थितियों की जांच कर रहे हैं, जिसमें यह भी शामिल है कि छात्रों को खतरनाक रखरखाव कार्यों में क्यों शामिल किया गया और क्या उस समय उचित सुरक्षा प्रोटोकॉल मौजूद थे।
घायलों में से नौ छात्रों को इलाज के बाद शनिवार की सुबह छुट्टी दे दी गई। अन्य छात्रों को विशेष देखभाल के लिए अलवर की एक मेडिकल सुविधा में स्थानांतरित कर दिया गया है।
सुरक्षा और पर्यवेक्षण पर सवाल
इस घटना ने संस्थान के प्रबंधन और सुरक्षा मानकों पर चिंताएं बढ़ा दी हैं। जांचकर्ता इस बात पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं कि क्या यह कार्य वयस्क पर्यवेक्षण में किया गया था और क्या छात्रों को कोई सुरक्षा उपकरण प्रदान किया गया था। पुलिस जांच के निष्कर्ष संस्थान के प्रबंधन के खिलाफ किसी भी महत्वपूर्ण चूक या सुरक्षा अनुपालन की कमी का निर्धारण करने में महत्वपूर्ण होंगे।
